अमर उजाला ब्यूरो सिरसा। हरियाणा के जेल मंत्री चौ. रणजीत सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार ने प्रदेश भर की जेलों से पैरोल या फरलों पर छोड़े गए कैदियों की पैरोल-फरलो अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के चलते समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। बिजली एवं जेल मंत्री ने बताया कि यह निर्णय हाई कोर्ट के माननीय जज राजीव शर्मा , गृह सचिव व डीजीपी द्वारा समीक्षा बैठक कर लिया गया। उन्होंने बताया कि सात साल से कम सजा वालों व अच्छे आचरण वाले कैदियों को कोरोना के चलते राहत दी गई थी ।अब यह फैसला उन सभी कैदियों पर लागू होगा जो पहले से पैरोल पर हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना के चलते प्रदेश की जेलों से करीब सात से आठ हजार कैदियों को कोरोना महामारी के चलते पैरोल दी गई थी। गौरतलब है कि प्रदेश में मई के महीने में बढ़ रही कोविड संक्रमितों की संख्या और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के चलते पैरोल व फरलों अवधि छह सप्ताह तक बढ़ाने का फैसला लिया गया था जो अब अवधि अब पूरी होने वाली थी। उन्होंने बताया कि अब भी कोरोना महामारी चल रही है लेकिन प्रदेश सरकार काफी हद तक इस महामारी को निपटने में कामयाब रही। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता सबसे पहले कोरोना से होने वाली मौतों को कम करना था। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोरोना से होने वाली मृत्यु दर में कमी आई है और यह घट कर 1,4 तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि रिकवरी रेट में भी सुधार हुआ है और अब प्रदेश में रिकवरी रेट करीब 94 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की जेलों में जेल अधीक्षक स्तर के तबादले पहले ही हो चुके है और अब शीध्र जेल उप अधीक्षक स्तर के अधिकारियों के तबादले किये जाएंगे। बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने बताया कि बिजली सुधार को लेकर निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार बिजली सुधार को लेकर एसडीओ स्तर के अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह बैठक पहले 19 नवंबर को करनाल में बुलाई गई थी लेकिन बिजली विभाग के ACS टीसी गुप्ता को कोरोना होने की वजह से बैठक स्थगित कर दी गई है और अब यह बैठक दिसंबर के पहले सप्ताह में बुलाई गई है।