सिरसा। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार (फास्ट ट्रैक कोर्ट) ने नौवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त पर एक लाख 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर अभियुक्त को एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
18 मार्च 2019 को महिला थाना पुलिस को दिए बयान में किशोरी (15) ने बताया था कि वह नौवीं कक्षा में पढ़ती है। उसके स्कूल के बाहर गांव का बलजिंद्र नामक युवक खड़ा रहता था। तीन महीने पहले रात को करीब 11 बजे बलजिंदर छत के रास्ते उसके घर में घुस आया। वह कमरे में अकेली सोई हुई थी। उसने उसका मुंह अपने हाथ से दबा दिया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि उसने शोर मचाने की कोशिश की तो आरोपी युवक ने उसे धमकी दी कि अगर इस बारे में किसी को बताया तो जान से मार दूंगा। धमकी के डर से उसने परिजनों को कुछ नहीं बताया।
किशोरी हो गई थी गर्भवती
बता दें कि दुष्कर्म के बाद किशोरी गर्भवती हो गई थी। इस मामले में महिला थाना सिरसा पुलिस ने मार्च 2019 में एफआईआर दर्ज की थी। न्यायालय द्वारा फैसला सुनाए जाने से पहले दोषी युवक ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई। न्यायाधीश ने इसे खारिज करते हुए कहा कि जघन्य अपराध में सख्त दंड का प्रावधान है। इसके बाद न्यायाधीश ने दोषी युवक को उम्रकैद की सजा सुनाई।
डॉक्टर की बात सुन सन्न रह गई मांग
17 मार्च को किशोरी पेट में दर्द हुआ तो उसकी मां उसे लेकर डॉक्टर के पास गई। डॉक्टर ने जांच कर मां को बताया कि किशोरी गर्भवती है और उसके पेट में ढाई महीने का गर्भ है। इसके बाद उसने परिजनों को सारी आपबीती बताई। परिजन उसे लेकर महिला थाना पहुंचे। पुलिस ने महिला अधिवक्ता के समक्ष उसके बयान दर्ज करके बलजिंदर सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया और 24 अप्रैल 2019 को न्यायालय में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी।
इन धाराओं में मिली इतनी सजा
धारा 376 3: उम्र कैद व एक लाख रुपये जुर्माना
धारा 451: 2 साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना
धारा 506: 2 साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना