आंगनबाड़ी वर्कर्स की बैठक लेते उपायुक्त। संवाद
- फोटो : Sirsa
सिरसा। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि जिला सिरसा को लिंगानुपात में फिर से नंबर वन बनाने की दिशा में कार्य किया जाए। इसके लिए जिला के कम लिंगानुपात वाले गांवों को चिह्नित करते हुए उनमें जागरूकता के लिए प्रभावी गतिविधियां चलाई जाएं, ताकि लोगों में लड़कियों के प्रति सकारात्मक सोच पैदा हो।
उपायुक्त सोमवार को जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कर विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने लिंगानुपात, स्ट्रीट चाइल्ड, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, वन स्टॉप सेंटर, आंगनबाड़ी केंद्र आदि में चल रही गतिविधियों व कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिरसा जिला लिंगानुपात में हमेशा ही बेहतर रहा है। अब फिर से इस मुकाम को पाने के लिए प्रभावी रूप से काम करने की जरूरत है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला के कम लिंगानुपात वाले गांवों में अधिक से अधिक गतिविधियां चलाई जाएं। लोगों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से संबंधित योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी लड़की शिक्षा से वंचित न रहे। सर्वे कर स्कूल ड्रॉप आउट बच्चों को चिह्नित कर उनका स्कूल में प्रवेश करवाएं। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर की गतिविधियों की जानकारी लेते हुए दिशा-निर्देश दिए।
आमजन को किया जा रहा जागरूक : डॉ. दर्शना सिंह
आईसीडीएस विभाग की पीओ डॉ. दर्शना सिंह ने बताया कि लिंग जांच पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से पीएनडीटी एक्ट के तहत रेड की जाती हैं। उन्होंने पोषण के बारे चलाई जा रही गतिविधियों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आमजन को सही खान-पान के बारे जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत चिह्नित गांवों में विभाग द्वारा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर लोगों को बेटियों को अच्छी शिक्षा देने व उनके स्वास्थ्य को लेकर जागरूक जा रहा है। इसके अलावा विभाग द्वारा समय-समय पर विभिन्न गतिविधियां जैसे मैराथन, लोहड़ी उत्सव, कुआं पूजन, प्रतिमाह बेटियों का जन्म दिवस मनाया जाता है।