जिला प्रशासन की कार्यशैली से प्रताड़ित अग्रसेन कॉलोनी की पीड़ित महिला रुचि जमालिया ने लघु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। एसडीएम जयवीर यादव नेे एक महीने में इंतकाल सही करवाकर देने का विश्वास दिलाकर धरना समाप्त कराया। पीड़ित रुचि जमालिया ने बताया कि उनके साथ अन्याय हुआ है। तत्कालीन पटवारी जसवंत सिंह, कानूनगो मदनमोहन मेहता व सेवानिवृत्त तहसीलदार ओपी बिश्रोई की संयुक्त सांठगाठ से उसका मकान छह बार बिक गया और उनका परिवार पाई-पाई को मोहताज हो गया। मामले में जिला प्रशासन कोई सुनवाई करने को तैयार नहीं है बल्कि अपने अधिकारियों को बचाने में जुटा है। पीड़ित महिला रुचि के पति राजीव जमालिया ने बताया कि सिविल लाइन सिरसा में उक्त तीनों अधिकारियों पर मामला दर्ज है लेकिन पुलिस ने उन्हें जांच में शामिल करने की बजाए इतनी ढिलाई दे दी कि उन्होंने कोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली। इससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना हुई है। पीड़ित परिवार ने स्पष्ट तौर पर कहा कि वे इस मामले में समझौता नहीं बल्कि चाहते है कि उनके मकान का इंतकाल सहीं करवाया जाए और उन्हें इंसाफ दिलाया जाए। पीड़ित परिवार के अनुसार एसडीएम ने उन्हें विश्वास दिलाया कि इस मामले में न्याय होगा। एक माह के भीतर इंतकाल सही करवाकर दिया जाएगा। इस पर पीड़ित परिवार ने कहा कि अगर एक माह के भीतर इंतकाल सही कर उन्हें न्याय न मिला तो वे भूख हड़ताल कर आत्म हत्या करने पर मजबूर होंगे। धरने में पहले दिन लक्ष्मी रानी, नरेश कुमार, इशु अग्रवाल, अभिषेक व मयंक मौजूद थे। एसडीएम जयवीर यादव ने बताया कि इस मामले में जो भी कानूनी कार्रवाई बनती है, वह करेंगे। शीघ्र अतिशीघ्र इंतकाल को कानूनी रुप से दुरुस्त करवाया जाएगा।