सिरसा।शिक्षा विभाग द्वारा सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लगाने के लिए आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों की अवहेलना करने पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कार्रवाई की जाएगी। डीईओ द्वारा जिले के 7 खंडों में सभी बीईओ व क्लस्टर की ड्यूटी लगाई गई है। जो औचक निरीक्षण कर स्कूलों में जांच कर रहे हैं। वहीं अब विभाग द्वारा क्यू आर कोड स्कैन कर पुस्तकों का पता लगाया जाएगा।
अब एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों का क्यूआर कोड स्कैन करने से पता चल जाएगा कि वह असली है या नकली। साथ ही कोई भी प्राइवेट पब्लिशर या शिक्षण संस्था आसानी से पकड़ में आ जाएंगे। शिक्षा विभाग ने बीईओ व कलस्टर हेड को प्राइवेट स्कूलों व अन्य बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। खासकर प्राइवेट स्कूलों में प्राइवेट पब्लिशर की पुस्तकें खरीदने के लिए विद्यार्थियों को बाध्य कर दिया जाता है। जबकि सरकार व विभाग की ओर से सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाए जाने के निर्देश हैं। एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। पुस्तकों की बिक्री भी इस समय बढ़ रही है। बाजारों, प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं में एनसीईआरटी की पुस्तकों के बजाय प्राइवेट पब्लिशर की किताबें पढ़ाने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। एनसीईआरटी की पुस्तकों की पहचान क्यूआर कोड से कर ली जाएगी। कई पब्लिशर एनसीईआरटी की तर्ज पर वैसी ही पुस्तकें तैयार कर लेते हैं, जिनकी पहचान नहीं हो पाती है।
गाइड का भी बढ़ रहा चलन
आजकल मूल पुस्तक के बजाय गाइड एवं सॉल्व पुस्तकों का भी चलन ज्यादा बढ़ा है। प्राइवेट पब्लिशर्स ने बाजारों में गाइड बिक्री के लिए उतार रखी हैं। मूल पुस्तक के बिना विद्यार्थी को टॉपिक की गहराई का संपूर्ण ज्ञान नहीं हो पाता। विद्यार्थी गाइड से प्रश्र के उत्तर रटने का प्रयास करते हैं। सही ढंग से कक्षाएं भी नहीं लगाते। जिससे विद्यार्थी मूल ज्ञान से भटक रहे हैं।
नियमों की अवहेलना पर होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने इसके लिए बीईओ व क्लस्टर हेड को निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी है। बीईओ व कलस्टर हेड स्कूलों व अन्य विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में जाकर पुस्तकों की जांच करेेंगे। क्यूआर कोड को स्कैन करके पता लगाया जाएगा। जो भी शिक्षण संस्था इन नियमों की पालना करता नहीं मिला, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुस्तकों की जांच के लिए जिला के सभी खंडों में बीईओ व क्लस्टर की ड्यूटी लगा दी गई है। प्रत्येक ब्लॉक में 2-3 सदस्यों की टीम भी गठित की गई है। टीमों द्वारा हर स्कूल में औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है। वहीं अगर निजी प्रकाशक की पुस्तकें पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
- संत कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा।