संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सरकार की ओर से गांवों में विकास कार्यों के लिए लागू की गई ई-टेंडरिंग प्रणाली के खिलाफ सरपंच सड़कों पर उतरे। सरपंचों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष मार्च निकाला। उन्होंने जहां एक ओर ई-टेंडर प्रणाली को रद्द करने की मांग की वहीं दूसरी ओर वेतन बढ़ाने का मुद्दा उठाया। सरपंचों ने ज्ञापन लेने आई तहसीलदार को ये कहते हुए लौटा दिया कि डीसी के समक्ष ही अपनी बात रखेंगे। तीन घंटे लघु सचिवालय का घेराव और इंतजार के बाद भी डीसी नहीं आए तो गेट पर ज्ञापन चस्पा कर दिया। गुस्साए सरपंचों ने सरकार और जिला प्रशासन का पूरी तरह बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
अब गांवों में होने वाले दो लाख से ज्यादा की लागत वाले विकास कार्य ई-टेंडर के माध्यम से होगा। सरकार के इस फैसले का सरपंच विरोध कर रहे हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में सरपंच शहर के बरनाला रोड स्थित शहीद भगत सिंह स्टेडियम में एकत्र हुए। इस दौरान बैठक की गई। इसमें फैसला लिया गया कि अपनी मांगों को लेकर डीसी को ज्ञापन सौंपा जाए। बैठक में सरपंच जसकरण सिंह, सुमन, संतोष, प्रकाश कार, रशप्रीत कौर, जितेंद्र सिंह, राजेश कुमार, लखविंद्र, रीता, जसविंद्र सिंह, वेद प्रकाश, ममता, संदीप कुमार, नीलम सहित अन्य गांव के सरपंच मौजूद थे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारी सरपंचों को गेट पर रोका
शहीद भगत सिंह स्टेडियम में बैठक के बाद सरपंच रोष मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने प्रदर्शनकारी सरपंचों को गेट पर रोक दिया। सरपंचों ने कहा कि वे डीसी से मिलकर अपनी मांगे रखना चाहते हैं। इस पर प्रशासन ने कहा कि दो प्रतिनिधि कार्यालय में जाकर अपनी मांग रखते हुए पत्र सौंप सकते हैं। इस पर सरपंच अड़ गए और डीसी को नीचे बुलाने की मांग पर अड़ गए। तहसीलदार विनती ज्ञापन लेने मौके पर आईं, लेकिन सरपंचों ने उन्हें ज्ञापन सौंपने इंकार कर दिया और लौटा दिया। प्रदर्शनकारी सरपंचों ने पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली व सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी। करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन और लघु सचिवालय के घेराव के बाद गुस्साए सरपंचों ने अपना मांग पत्र गेट की दीवार पर ही चस्पा कर दिया और शहीद भगत सिंह स्टेडियम में लौट गए।
बैठक में फैसला, अब सरकारी कायक्रमों का करेंगे बहिष्कार
सरपंच जसकरण सिंह ने बताया कि प्रदर्शन के बाद शहीद भगत सिंह स्टेडियम में दोबारा सरपंचों की बैठक हुई। उन्होंने कहा कि सरकार ने ई-टेंडरिंग से ही काम करवाना था, तो चुनाव से पहले क्यों नहीं करवाया गया। इस दौरान फैसला किया गया कि अब सरकार और प्रशासन का बहिष्कार किया जाएगा। किसी भी कार्यक्रम को लेकर सहयोग नहीं किया जाएगा।
ये है मांगें
- ई-टेंडर प्रणाली के प्रस्ताव को तुरंत खारिज किया जाए।
- पंचायतें अपने विकास कार्य अपने स्तर पर कर पाएं।
- सभी सरपंचों का मानदेय 3000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये किया जाए।
पुलिस बल रहा तैनात, समझाने का किया प्रयास
रोष प्रदर्शन के दौरान शहीद भगत सिंह स्टेडियम में भी पुलिस बल तैनात रहा और लघु सचिवालय में भी। लघु सचिवालय में घेराव के दौरान पुलिस कर्मचारियों ने समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अड़े रहे और नारेबाजी कर रोष जताते रहे।
लघु सचिवालय के गेट पर ज्ञापन चस्पा करते सरपंच। संवाद- फोटो : Sirsa