मांगों को लेकर शहर में प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी।
सिरसा। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने वीरवार को लंबित मांगों को लेकर लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने डीएमसी को नगर निकाय मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 10 सालों से प्रदेश में भाजपा सरकार है। कर्मचारी धरने-प्रदर्शन व हड़ताल करते हैं तो मांगे मान ली जाती है, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया जाता।
नगर पालिका कर्मचारी संघ इकाई सिरसा के प्रधान मनोज अठवाल ने बताया कि वर्ष 2023 व 24 में सरकार ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और शहर की आबादी के हिसाब से नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती करने का पत्र जारी किया था लेकिन फिर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया दिया। अब शहर में तीन जोनों में बांटकर ठेकेदार के माध्यम से सफाई का कार्य करवाया जा रहा है। एक तरफ तो ठेका प्रथा बंद करने की बात सरकार कर रही है। वहीं सिरसा में इसके विपरीत ठेका प्रथा को बढ़ावा देकर कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान व राज्य कमेटी के सदस्य मनोज अटवाल ने बताया कि सिरसा में मात्र 150 सफाई कर्मचारी हैं जबकि आबादी के हिसाब से 600 कर्मचारियों की जरूरत है। वर्ष 1996 के बाद नए सफाई कर्मचारी भर्ती नहीं किए गए। ठेका प्रथा समाप्त करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने व नई भर्तियां करने की मांग को लेकर डीएमसी के माध्यम से नगर निकाय मंत्री को ज्ञापन भेजा गया है। अगर मांगें पूरी नहीं होती तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।