सिरसा। स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए नगर परिषद की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिसकी जांच करने के लिए शुक्रवार को स्वच्छता सर्वेक्षण टीम ने सिरसा में दस्तक दी। चार सदस्य टीम ने नटार और केलनिया के एसटीपी और बकरियांवाली स्थित कचरा प्लांट का निरीक्षण किया है। टीम ने यहां पर रिकॉर्ड व स्थिति की जांच की है।
शहरों में स्वच्छता की स्थिति जांचने के लिए हर वर्ष सर्वेक्षण टीम पहुंचती है। टीम की ओर से शहर के अलग-अलग स्थानों पर स्थिति जांचने के बाद रैंकिंग दी जाती है। इसी के चलते शुक्रवार को स्वच्छता सर्वेक्षण टीम ने सिरसा में दस्तक दी। टीम ने केलनियां और नटार में स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट के चारों प्लांटों का निरीक्षण किया। इस दौरान प्लांट की मोटर, मशीनों व पानी को साफ करने के लिए उपयुक्त होने वाले सभी प्रकार के उपकरणों की जांच भी की। प्लांट में कितना पानी पहुंच रहा है और कितने फीसदी साफ होकर आगे सप्लाई किया जा रहा है। प्लांट की क्षमता सहित वहां का रिकॉर्ड भी जांच गया है। वहीं टीम ने बकरियांवाली में स्थित कचरा प्लांट का भी निरीक्षण किया। कचरे प्लांट में तैयार होने वाली खाद, कचरे का निपटान सहित अन्य प्रकार की स्थिति जांची गई। टीम ने कचरे प्लांट में होने वाली हर प्रकार की गतिविधि की जांच की। वहीं दिन में कितना कचरा प्लांट में पहुंचता है। कितने कचरा शेष पड़ा है और कितना कचरा रिसाइकल किया जा रहा है। इसका रिकॉर्ड भी जांचा गया।
2022 में जारी परिणाम में गिरी थी सिरसा की रैंकिंग, अभी ठीक नहीं हुई स्थिति
स्वच्छता सर्वेक्षण के बाद वर्ष 2022 में टीम की ओर से जारी किए गए परिणाम में सिरसा की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई थी। जिले की 238 से खिसककर 254 तक पहुंच गई थी। रैंकिंग सुधारने के लिए नगर परिषद की ओर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। लेकिन अभी भी शहर में शौचालयों की स्थिति खराब होने, पार्क बदहाल होने और बेसहारा पशुओं व सफाई की स्थिति खराब होने के चलते स्वच्छता रैंकिंग पर प्रभाव देखने को मिल सकता है।
स्वच्छता रैंकिंग की जांच करने के लिए जिले की टीमें पहुंची है। टीम की ओर से निरीक्षण किया गया है।
-पवन कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद सिरसा