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Sirsa News: रोडवेज का चक्का जाम, दिनभर यात्री रहे परेशान

Wed, 15 Nov 2023 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। अंबाला में रोडवेज कर्मचारी की हत्या के मामले को लेकर सिरसा व डबवाली डिपो के कर्मचारियों ने मंगलवार रात 12 बजे से बसों का चक्का जाम कर दिया। सिरसा डिपो से एक भी रोडवेज बस का रूट पर संचालन नहीं हो पाया। यात्री सुबह बस स्टैंड पर पहुंचे, लेकिन हड़ताल होने की सूचना मिलने पर उन्हें प्राइवेट बसों व निजी वाहनों से सफर करना पड़ा। भैया दूज का पर्व होने के चलते सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ी। हालांकि देर शाम सरकार से समझौता होने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ले ली।
हड़ताल के कारण डिपो की 185 बसों के पहिए थमे रहे, जबकि रोडवेज के 711 कर्मचारी हड़ताल पर रहे कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार करने, मृतक राजवीर के बेटे को नौकरी व परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई। रोडवेज सांझा मोर्चा के सदस्य चमन लाल स्वामी ने बताया कि 12 नवंबर की रात्रि को चालक राजवीर की ड्यूटी अंबाला कैंट में थी। 4-5 असामाजिक तत्वों ने चालक राजवीर की बेरहमी से हत्या कर दी। इसी के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों ने अंबाला बस स्टैंड में कार्रवाई की मांग को लेकर धरना लगाया था, लेकिन वहां के प्रशासन ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। इसके विरोध में राज्य कमेटी के आह्वान पर निर्णय लिया गया कि 14 नवंबर की रात्रि से प्रदेशभर में रोडवेज का चक्का जाम कर दिया। पृथ्वी सिंह चाहर ने बताया कि इससे पहले सरकार से इस मामले में 4-5 दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन सरकार कर्मचारियों की मांगों को अनसुना कर रही है। धरने पर रिछपाल सिंह संधु, सीता सिंह, कमलनाथ, वरिष्ठ उप प्रधान मदनलाल खोथ, भीम सिंह चक्कां, मोहन सिंह सहारण, रणजीत बाजवा, शिवराज सिंह, गुरमुख सिंह, लादूराम, शेर सिंह खोड, आत्माराम, विनोद कुमार, रणजीत सिंह उपस्थित रहे।
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हर रोज 25 हजार यात्री करते है बसों में सफर
सिरसा डिपो की बसों में हर रोज 25 हजार के करीब यात्री सफर करते हैं। अब बसों के बंद होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्री कभी बस स्टैंड पर मामले की जानकारी लेते हुए नजर आए तो कभी सामान उठाकर बाहर जाते हुए दिखे। सिरसा से दिल्ली के लिए यात्रियों ने ट्रेन का सहारा भी लिया। सिरसा से चंडीगढ़, राजस्थान, पंजाब के रूटों पर जाने के लिए यात्रियों को ज्यादा परेशानी हुई। रोडवेज कर्मचारियों को अधिकारियों ने भी अपने स्तर पर समझाने का प्रयास किया। लेकिन इसके बाद भी कर्मचारी नहीं माने।



बस स्टैंड पर बढ़ाई सुरक्षा, पुलिस बल रहा तैनात
कर्मचारियों की हड़ताल व किसी अप्रिय घटना को देखते हुए बस स्टैंड के निकट सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। कोई शरारती तत्व किसी अप्रिय घटना को अंजाम न दे, इसके लिए पुलिस की गाड़ियां लगातार गश्त करती रहीं। वहीं बस स्टैंड के बाहर और अंदर सुरक्षा कर्मचारी भी तैनात रहे।

इन लंबे रूटों पर चलती हैं इतनी बसें
सिरसा से राजस्थान के लिए 51, चंडीगढ़ के 11, दिल्ली के लिए 14, पंजाब के रूटों पर चार, उत्तरप्रदेश के रूटों पर चार सहित कुल 185 बसों का संचालन होता था। हालांकि सहकारी समिति की ओर से 90 बसों का संचालन किया गया है। यह बसें छोटे रूटों पर ही चलीं।


कर्मचारियों की ओर से हड़ताल की गई है। मुख्यालय की ओर से ही कर्मचारियों की मांगों पर फैसला लिया जाना है। व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है। - शेर सिंह, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा।
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स्टेट कमेटी की सरकार के साथ शाम को हुई समझौता वार्ता के बाद हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया। स्टेट कमेटी की सरकार के साथ सकारात्मक वार्ता रही है। इसके बाद कर्मचारियों की ओर से हड़ताल वापस ले ली गई है। - चमनलाल स्वामी, कर्मचारी, नेता सिरसा डिपो
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