भूपेंद्र पंवार
सिरसा। शहर के चारों कोनों में स्थापित आठ गांवों को नगर परिषद ने अब शहरी सीमा में शामिल किया है। इससे इन क्षेत्र में अब विकास के रास्ते खुलेंगे। जहां एक ओर प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाने के लिए परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, वहीं दूसरी ओर नई सड़कें, गलियों सहित स्ट्रीट लाइट और सफाई की व्यवस्था भी सुधरेगी। इसका सीधा लाभ एक लाख से ज्यादा की आबादी को मिलेगा। इस संबंध में नगर परिषद ने प्रक्रिया पूरी कर ली है।
ग्रामीण इलाकों में शहर के मुकाबले विकास की गति धीमी रहती है। इसलिए सरकार ने फैसला किया कि शहरी सीमा के साथ लगते ग्रामीण इलाकों को नगर परिषद के एरिया में शामिल किया जाए। इसके लिए प्रक्रिया शुरू की गई। इसके तहत सर्वे करवाया गया और इसमें ये पता किया गया कि ऐसे कौन से इलाके हैं जो विकास से अछूते हैं और उन्हें शहरी सीमा में शामिल किया जा सकता है। इस सर्वे रिपोर्ट के बाद नगर परिषद के प्रस्ताव बनाकर भेजा। इसे मंजूर कर लिया गया। इसके बाद नगर परिषद की सीमा में गांव चत्तरगढ़पट्टी, खैरपुर, वैदवाला, बाजेकां, कंगनपुर, शाहपुर बेगू, खाजाखेड़ा और रामनगरिया को शामिल किया गया है। हालांकि अभी इन्हें वार्डों में शामिल नहीं किया जा सका है। इसके लिए अभी नगर परिषद की ओर से सर्वे करवाया जा रहा है। सर्वे का काम पूरा होने पर इन्हें वार्डों में शामिल कर लिया जाएगा। संवाद
वार्डबंदी का सर्वे का काम लगभग पूरा, फिर होंगे चुनाव
नगर परिषद की ओर से नई वार्डबंदी का काम चल रहा है। इसमें उन क्षेत्र को ही शामिल किया गया है, जो अभी शहरी सीमा में शामिल हुए हैं। यह करीब 85 फीसदी पूरा हो चुका है। बताया जा रहा है कि 15 से 20 दिन के भीतर से काम खत्म कर लिया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी। मंजूरी मिलने पर नई वार्डबंदी की घोषणा हो जाएगी। नई वार्डबंदी होने के बाद नगर परिषद चुनाव भी होंगे।
जानिये...अब नये एरिया में भी विकास कार्य हो सकेंगे
- कच्ची गलियों और सड़कों का निर्माण।
- स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था हो पाएगी।
- नियमित रूप से सफाई का काम हो सकेगा, क्योंकि व्यवस्था नगर परिषद संभालेगी।
- सीवरेज व्यवस्था सुधरेगी और बारिश के पानी की भी निकासी सुनिश्चित की जाएगी।
- प्रॉपर्टी रजिस्ट्रियों के लिए भी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
यह क्षेत्र नगर परिषद की सीमा में शामिल
क्षेत्र आयत संख्या
चत्तरगढ़पट्टी 43 से 56 तक
खैरपुर 2 से 8 व 10 से 13 तक
वैदवाला 12,13,28 से 31 व 157 से 165 तक
बाजेका 1 से 30 तक
कंगनपुर 1 से 10, 15 से 24, 34,35,36, 53 से 56 व 70 से 73 तक
शाहपुर बेगू 10,14, 33, 37, 40 से 43 व 66 से 69
खाजाखेड़ा 18 से 23, 38, 39, 48, 49, 62, 63, 72, 73, 83 से 87 व 94 से 101 तक
रामनगरिया एक से छह, 13 से 23, 34 से 41, 51, 52, 53 तक
ये बोले शहरवासी
नगर परिषद की सीमा में शामिल किए गए नए ग्रामीण इलाकों का फैसला अच्छा है। अब इन क्षेत्रों में भी विकास कार्य हो सकेंगे। जरूरत अब ये है कि व्यापक स्तर पर योजना बनाकर काम किया जाए। - जितेंद्र कुमार, एडवोकेट, चित्र: 39
शहर में ग्रामीण इलाकों के मुकाबले सफाई व्यवस्था अच्छी रहती है। इसके अलावा सुविधाएं भी अधिक होती है। इसलिए ये फैसला अच्छा है। शहरी आधार पर मिलने वाली सुविधाएं मिल सकेंगी। - रमेश गोयल, सिरसा। चित्र: 38
नगर परिषद के पास सफाई का जिम्मा है, साथ ही स्ट्रीट लाइट और अन्य संसाधन भी उपलब्ध करवाता है। इसलिए अब उम्मीद है कि इन ग्रामीण इलाकों की स्थिति भी सुधर सकेगी। - नरेश कुमार, चित्र: 41
गांवों को शहर के सीमा में शामिल करने से क्षेत्र में विकास के रास्ते खुलेंगे। लोगों को शहरी तर्ज पर सुविधाएं मिलेगी। इन क्षेत्र में नई सड़कें, गलियों सहित स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा। - राजपाल सिंह, प्रधान, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, हुडा सेक्टर-20।
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नये एरिया को शामिल कर लिया है, विकास के रास्ते खुलेंगे : कार्यकारी अधिकारी
शहर की सीमा के साथ लगते ग्रामीण इलाकों को नगर परिषद एरिया में शामिल कर लिया गया है। अब वार्डबंदी का काम चल रहा है। जल्द ही नये सिरे से सभी वार्डों की सीमाएं निर्धारित की जाएगी। इससे इन वार्डों में विकास के रास्ते खुलेंगे। इस संबंध में सर्वे काम तेजी से चल रहा है।
- संदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, सिरसा।
सिकंदरपुर स्थित नेशनल हाईवे का दृश्य। संवाद- फोटो : Sirsa