सिरसा। जिले के नागरिक अस्पताल में 21 एएनएम ने हाल ही में ज्वाइन किया। इनमें तीन लड़के और 18 लड़कियां हैं। विभाग के अनुसार जिले भर में कुल 62 एएनएम के पदों पर ज्वाइंनिंग होगी। ऐसे में सीएचसी से लेकर पीएचसी में स्टाफ कमी नहीं रहेगी। ज्वाइन करने वाली महिला स्टाफ में रिचा चौधरी की अपनी ही संघर्ष की कहानी है। 10 साल तक बच्चे और परिवार संभालने के बाद उन्होंने दोबारा से कोचिंग लेकर पढ़ाई की और अपने सपनों को पूरा किया।
रिचा चौधरी ने बताती हैं कि 2010 में उसकी शादी हो गई थी। उसके पति खेतीबाड़ी करते हैं। शादी के कारण पढ़ाई बीच में छूट गई। 2011 में बच्चे का जन्म हुआ तो घर और बच्चे की जिम्मेदारी में कुछ साल निकल गए। रिचा ने बताया कि एक दिन बातों बातों में रिचा ने अपने पति को कोचिंग इंस्टीट्यूट में नर्सिंग की तैयारी करने की इच्छा जाहिर की। पति ने रिचा की इच्छा को गंभीरता से लिया और निजी संस्थान में कोचिंग के लिए एडमिशन दिला दिया। तीन साल तक रिचा ने इंस्टीट्यूट में कोचिंग लेने के साथ घर को भी संभाला। इसके बाद मेहनत और लग्न से अपना सपना पूरा कर लिया। रिचा ने बताया कि नर्स बनाना उसका ही नहीं, उसके घर वालों का सपना भी था। जब उसकी नौकरी लगी तो उससे कहीं ज्यादा खुशी उसके पति और परिवार को हुई। रिचा ने कहा कि आज नर्स बनने का सपना पूरा हुआ तो उसका श्रेय उसके पति को जाता है। संवाद
दो साल निजी संस्थान में रहीं अध्यापक, चार साल के प्रयास के बाद मिली नर्स की नौकरी
रानियां निवासी बलजीत कौर ने बताया कि उसने बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की हुई है। पढ़ाई पूरी करने के बाद सिरसा के निजी संस्थान में दो साल तक अध्यापक के पद पर कार्य किया। बलजीत कौर ने बताया कि उसके 6 साल का बच्चा है और पति सिरसा में ही प्राइवेट बैंक में आरएम की पोस्ट पर हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार सालों से सरकारी विभाग में नर्सिंग की नौकरी के लिए प्रयास कर रही थी। इसके दौरान नौकरी भी की और कई उतार चढ़ाव देखे, लेकिन हौसला नहीं छोड़ा। नौकरी मिलने पर बहुत खुशी हो रही है।
यह है स्थिति
जिलेभर में सोमवार तक 62 एएनएम ज्वाइंन करना है। जिले में नागरिक अस्पताल में रविवार को 19 नर्स ने ड्यूटी ज्वाइन की। नागरिक अस्पताल डबवाली में 11 और ऐलनाबाद सीएचसी में 8 और पीएचसी में 22 नर्स कार्यभार संभालेंगी। नागरिक अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की संख्या 77 से बढ़ कर 98 हो गई है।