जिले में घग्गर नदी के दोनों तरफ के तटबंध की लंबाई 150 किलोमीटर है। इनमें से 100 किलोमीटर तक तटबंध कच्चे हैं। ये कच्चे तटबंध अब प्रशासन व ग्रामीणों की परेशानी बढ़ाए हुए हैं।
बीते कई वर्षाें से क्षेत्र के लोगों की ओर से तटबंध पक्का करने की मांग उठाई जा रही है, लेकिन सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस तरफ कोई भी ध्यान ही नहीं दिया। हालात खराब होने के कारण अब प्रशासन ने एनडीआरएफ की दो टीमें व संस्थाओं को कार्य पर लगाया है। हालांकि मीरपुर और खैरेकां से लेकर ओटू हेड तक तटबंध पर रोड का निर्माण किया गया है। इसके कारण इन गांवों में कम खतरा है।
पंजाब के झंडा से सिरसा के डबवाली रोड तक करीब 10 किलोमीटर तक कच्चा तटबंध है। इसके दूसरी तरफ भी कच्चा तटबंध है। दोनों की लंबाई करीब 20 किलोमीटर की है। वहीं, ओटू हेड से राजस्थान की तरफ भी करीब 30 किलोमीटर की लंबाई में कच्चा तटबंध बना हुआ है। घग्गर नदी में पानी अधिक आने के कारण साथ के गांवों की स्थिति खराब बनी हुई है। इन गांवों में कभी भी घग्गर का पानी पहुंच सकता है। गांव वासी दिन रात पहरा देने को मजबूर है। हालांकि ओटू से लेकर राजस्थान साइफन तक घग्गर के तटबंध पर रोड का निर्माण किए जाने को लेकर पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने प्रपोजल बनाकर स्वीकृति के लिए सिंचाई विभाग के पास भेजा गया है। बजट के अभाव में इसकी फाइल अभी तक आगे नहीं बढ़ पाई है।
बाढ़ बचाव कार्यों के लिए 50 लाख की राशि हुई प्राप्त
उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने रविवार को पत्रकारों से भी बातचीत करते हुए बताया कि सरकार ने बाढ़ बचाव के लिए 50 लाख की राशि उपलब्ध करवाई है। प्रशासन द्वारा राहत व बचाव कार्यों के लिए उपमंडल अधिकारी (ना.) सिरसा को 8 लाख व उपमंडल अधिकारी (ना.) कालांवाली को 4 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाई है। सरकार की ओर से फंड की कमी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि घग्गर से साथ लगते सभी गांवों में कर्मचारी-अधिकारी तैनात किए गए हैं, जिनके माध्यम से हर परिस्थिति की रिपोर्ट जिला प्रशासन को मिल रही है।
एनडीआरएफ की टीम पहुंची सिरसा, पनिहारी में बांध मजबूत करने में लगी डेरा सच्चा सौदा की टीम
उपायुक्त ने बताया कि जिला बठिंडा से एनडीआरएफ की 75 सदस्यीय टीम सिरसा पहुंची है, जिसे प्रभावित क्षेत्र गांव मुसाहिबवाला, बुर्ज-कर्मगढ़ व पनिहारी के आसपास के क्षेत्र में लगाया गया है। इसके अलावा हिसार स्थित आर्मी व एयरफोर्स स्टेशन सिरसा से भी संपर्क किया गया है। कई सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं से भी सहयोग की बात हुई है। विभिन्न विभागों के 447 से अधिक कर्मचारियों को आपात स्थिति में लोगों की मदद के लिए वाॅलंटियर के रूप में तैयार किया गया है। संस्थाओं के माध्यम से एक हजार फूड पैकेट तैयार करवाए गए। डेरा सच्चा सौदा के शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के सेवादार गांव पनिहारी व फरवाई में पहुंचे और बाढ़ राहत कार्य शुरू किया।
तटबंध पर लाइट की व्यवस्था करने के निदेश
उपायुक्त पार्थ गुप्ता व पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीणा ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ रविवार गांव मीरपुर, अहमदपुर व सहारनी में घग्गर के मुख्य तटबंध का निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त ने बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए कि तटबंध पर लाइट की व्यवस्था करवाई जाए, ताकि रात्रि के समय जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा सके। उन्होंने ग्रामीणों से भी बातचीत की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने गत रात्रि भी गांव पनिहारी, बुर्ज-कर्मगढ, फरवाई खुर्द व मल्लेवाला आदि गांवों का दौरा कर स्थिति का भी जायजा लिया था।
शहर क्षेत्र में न पहुंचे पानी इसके लिए नगर आयुक्त ने जांची बांध की स्थिति
मीरपुर के साथ ही एयरफोर्स स्टेशन व शहरी क्षेत्र शुरू हो जाता है। अगर मीरपुर क्षेत्र से मुख्य तटबंध टूटता है तो शहर में भी घग्गर का पानी पहुंचने का डर बना हुआ है। इसके लिए नगर आयुक्त डॉ. किरण सिंह, नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी संदीप मलिक ने गांव मीरपुर में पहुंचकर स्थिति जांची। उन्होंने शहरी क्षेत्र के कमजोर प्वाइंटों को भी जांचा और ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए की शहरी क्षेत्र में जिस भी स्थान पर पाइप लाइन या अन्य कोई भी प्वाइंट है तो उसे दुरुस्त किया जाए।