सिरसा मे घग्गर नदी का जलस्तर लगातार 50 हजार क्यूसेक से ऊपर चल रहा है। ऐसे में सिरसा, रानियां, ऐलनाबाद के साथ-साथ 49 गांव पहले ही खतरे में है। अब रंगोई नाले ने भी इस खतरे का बढ़ दिया है। बीते 24 घंटे में रंगोई नाला छह जगह से टूट चुका है। गांव सिंकदरपुर के पास रंगोई नाला टूटने के बाद नेशनल हाईवे के साथ पानी लग चुका है। वहीं फतेहाबाद से भी पानी अब सिरसा के गांव में पहुंचने के आसार हैं। ऐसे में 10 गांव प्रशासन ने रडार पर रखे हैं।
गांव भावदीन के पास रंगोई नाले का पुल नीचा होने और उसके बीच से निकलने वाला नहरी खाल के कारण पूरे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। ऐसे में जिले के अब 60 के करीब गांव बाढ़ की चपेट में आने की आशंका बनी हुई है। घग्गर के बाद अब रंगोई नाला भी उफान पर चल रहा है। नाला बीते पांच दिन से ओवरफ्लो हो रहा है।
तटबंध कमजोर होने के कारण बार-बार टूट रहा है। रंगोई नाले में 13 हजार क्यूसेक के करीब पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि इसकी क्षमता केवल 10 हजार के करीब है। इससे नाले के साथ लगते गांव बग्गुवाली, नरेलखेड़ा, डिंग रोड, भावदीन, रसुलपुर, रसुलपुर थेहड़ी, सिकंदरपुर, बाजेकां, सुचान, कोटली सहित अन्य गांव भी खतरे में है। मंगलवार देर रात डेढ़ बजे गांव सिकंदरपुर के पास नाला टूटने के कारण यहां नेशनल हाईवे के साथ पानी लग गया है। क्षेत्र में करीब 30 एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।
अभी राहत मिलने की उम्मीद नहीं
घग्गर नदी के छोटे व बड़े तटबंध टूटने के कारण जिले में 14 हजार एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है। जिले के 20 गांवों में कभी भी पानी घुस सकता है। नदी के तटबंधों के साथ लगते 49 गांव खतरे में है। गांव बुर्जकर्मगढ़ में ही पानी घुसा चुका है, जिससे 30 मकानों में दरारें भी आ चुकी हैं। अन्य गांवों की स्थिति भी काफी खराब हो रही है। पंजाब से लगातार तेजी से सिरसा में आ रहे पानी से अभी तक राहत मिलने की कोई भी उम्मीद दिखते हुए नजर नहीं आ रही है।
भावदीन के पास नहरी पानी का खाल व पुलिया तोड़ने को लेकर कहासुनी, ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे किया जाम
ओवरफ्लो होने के कारण रंगोई नाला गांव नरेलखेड़ा, डिंग रोड, भावदीन टोल प्लाजा के नजदीक व सिकंदरपुर के पास टूट चुका है। इसके कारण आसपास के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। गांव भावदीन के पास रंगोई नाले के बीच से निकलने वाले नहरी खाल और पुल के साथ पानी लगने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। बुधवार सुबह गांव नरेलखेड़ा इसके आसपास के ढाणी वासी व डिंग रोड के किसान पुलिया व खाल को तोड़ने के लिए भावदीन के पास पहुंच गए। भावदीन के ग्रामीणों को मामले की सूचना मिली तो उन्होंने इसका विरोध कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों में कहासुनी भी हो गई। इसके बाद पुलिस बल पहुंचा और दोनों पक्षों को शांत कर दिया। इससे रोषित गांव नरेलखेड़ा और डिंग के किसानों ने डिंग नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया और धरना देकर बैठ गए। किसानों ने कहा कि पुल के कारण पूरे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इसके कारण नाला बार-बार टूट रहा है। हालांकि अधिकारियों ने मामले का हल निकालने का आश्वासन दिया। आधे घंटे बाद ग्रामीणों ने हाईवे को खोल दिया। अब इस क्षेत्र में अतिरिक्त जेसीबी लगाई गई है और तटबंध को मजबूत किया जा रहा है।
फतेहाबाद के पानी की मार पड़ सकती है सिरसा को भारी
घग्गर नदी और रंगोई नाला टूटने के बाद फतेहाबाद क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है। अब पानी सिरसा की तरफ आ रहा है। इससे फतेहाबाद की सीमा के साथ लगता सिरसा का गांव बग्गुवाली, नरेलखेड़ा, डिंग रोड, भावदीन सहित अन्य गांव चपेट में आ सकता है। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस क्षेत्र का अब जायजा लेना शुरू कर दिया है।
घग्गर के कारण 49 गांव प्रभावित है। रंगोई नाला का पानी भी ओवरफ्लो हो रहा है। इसके टूटने के भी मामले सामने आ रहे हैं। फतेहाबाद क्षेत्र का पानी भी सिरसा की तरफ आएगा। इसके लिए स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। जिले में अभी तक किसी भी गांव में पानी प्रवेश नहीं किया गया है। जिले में अब तक करीब 14 हजार एकड़ फसल खराब हो चुकी है।
- पार्थ गुप्ता, उपायुक्त, सिरसा ।