सिरसा। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले पहले हरियाणा सरकार की ग्रुप डी की भर्ती के लिए चयनित अभ्यर्थियों को ज्वाइन कराने के लिए अवकाश के दिन भी जिला नागरिक अस्पताल में मेडिकल करवाने की प्रक्रिया जारी रही। चयनित अभ्यर्थियों की भीड़ सुबह 9 बजे ही नागरिक अस्पताल परिसर में देखने को मिली। मेडिकल प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही लंबी कतार काउंटर पर देखने को मिली। मेडिकल करवाने आए चयनित अभ्यर्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई योजनाओं के ज्वाइंनिंग लेटर को लेकर निकालने को लेकर ओटीपी नहीं आने जैसी समस्या का समाधान भी करना पड़ा।
नागरिक अस्पताल में शनिवार को जिलेभर से करीब 200 चयनित अभ्यर्थी मेडिकल करवाने के लिए पहुंचे। इस दौरान सुबह 9 बजे से ही पर्ची कटवाने के लिए लंबी लाइन लगनी शुरू हो गई। अस्पताल में मेडिकल करवाने आए युवक व युवतियों के लिए अलग - अलग दो लाइनें बनाई गई। इस दौरान युवाओं ने बताया कि किस प्रकार से अपनी मेहनत के बल पर आ इस मुकाम पर पहुंचे हैं।
पिछले पांच साल से सरकारी नौकरी के लिए तैयारी कर रहा था। पिता मेहनत मजदूरी कर मुश्किल से घर का गुजारा चला रहे हैं। ज्यादा रुपये न होने के कारण मैंने 2018 में एक मोबाइल फोन खरीदा फिर फोन से ही धीरे - धीरे समय निकालकर पढ़ना और साथ में काम भी करता था। आज पांच साल बाद मेहनत का फल मिला है।
-सुशील कुमार, गांव बाजेकां।
गांव किरड़ान के युवा ने बताया कि वह पूजा पाठ करता था। पिछले 9 साल से पूजा पाठ कर गुजारा चला रहा था और साथ में सरकारी नौकरी की भी तैयारी कर रहा था। वहीं, ज्वाइनिंग लेटर देखा तो मेरा सपना साकार हो गया।
-सत्यनारायण पंडित।
पिछले पांच साल से सरकारी नौकरी के लिए तैयार कर रही थी। घर रहकर मोबाइल फोन से तैयारी की। इस दौरान काफी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा, लेकिन हिम्मत नहीं हारी और काम के साथ - साथ घंटों बैठकर तैयारी की है।
-पूनम रानी, भोड़कां।
शेरांवाली ढाणी से मेडिकल करवाने के लिए आई हूं। पिता खेतीबाड़ी का काम करते हैं। पिछले 2 साल से कोचिंग इंस्टीट्यूट पर तैयारी की है। वहीं, घर में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का काम भी करती हूं। सलेक्शन होने पर अपने माता- पिता का धन्यवाद करती हूं।
-सरिता, ढाणी शेरांवाली।
सिरसा के गांव किशनपुरा से आई युवती ने बताया कि वह सेल्फ स्ट्डी करके इस मुकाम पर पहुंची है। मां ने साथ दिया ओर घर पर ही बैठकर फोन से तैयारी की है। आज मां के आशीर्वाद से कामयाब हो पाई हूं।
-ममता।