संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। डबवाली के चौटाला रोड स्थित शहर थाना परिसर में हिसार रेंज के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्रीकांत जाधव ने खुला दरबार लगाया। इस दौरान लोगों ने पुलिस प्रशासन की ही कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। लोगों ने पुलिस पर नशा बिकवाने और धमकाने जैसे आरोप लगाए। हालांकि एडीजीपी ने जांच करवाने का आश्वासन दिया है।
खुले दरबार में एडीजीपी ने 60 शिकायतें सुनीं। गांव सांवत खेड़ा के पूर्व सरपंच रणजीत सिंह ने औषधि नियंत्रण विभाग, पुलिस प्रशासन और मेडिकल संचालकों पर मिलकर नशा बिकवाने के आरोप लगाए। पूर्व सरपंच ने कहा कि नशा बिकवाने में इन तीनों की आपसी मिलीभगत चलती है। नशे को लेकर सच्चाई जाननी है तो पुलिस विभाग के कर्मचारियों और ड्रग्स विभाग के कर्मचारियों के फोन टैप करवाकर देख लें। इनके फोन की जांच करेंगे तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी कि किस पर सभी मिलकर नशे का कारोबार कर रहे हैं। एडीजीपी ने कहा कि यदि ऐसा मामला है तो जांच की जाएगी। सच्चाई मिलती है तो संबंधित पुलिस कर्मचारियों व अन्य कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नशे से गांव में युवक मरा, पुलिस बोली- आप शपथ पत्र दो
गांव रामपुरा बिश्नोइयां के सरपंच साधू राम ने एडीजीपी के समक्ष शिकायत रखते हुए कहा कि उनके गांव में 22 साल के युवक की नशे का इंजेक्शन लगाता था। ओवरडोज से उसकी मौत हुई थी। जब मैंने पुलिस को अपने बयान दर्ज करवाने चाहे तो पुलिस ने बयान दर्ज नहीं किए। पुलिस कर्मचारियों ने मुझे कहा कि आपको अगर शिकायत देनी है तो अपने लेटर पेड पर लिखकर दें। यह पुलिस का रवैया सर सही नहीं है। पुलिस ने इस मामले में इतेफाकिया कार्रवाई कर मामले को रफा दफा कर दिया।
एडीजीपी : डीएसपी साहब, आप इस मामले की अपने स्तर पर जांच करें। नशे पर कार्रवाई को लेकर कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
पुलिस ही नशे का केस बनाने की धमकी देती है
व्यक्ति ने एडीजीपी से कहा कि आठ अगस्त को हमारे गांव में पंचायत हुई थी। जब मैं पंचायत में गया तो शराब के नशे में हेड कांस्टेबल ने मुझे बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं मुझसे धक्का मुक्की की, मुझे धमकी दी कि दो किलो अफीम का केस लगाकर अंदर डाल दूंगा।
एडीजीपी ने कहा कि इस मामले की जांच करवाई जाएगी। यदि मामला सही पाया जाता है तो कार्रवाई होगी। न्याय जरूर मिलेगा।
पांच दिन में घर जाना सुनिश्चित करें
गांव देसू जोधा के संदीप पन्नीवाला ने शिकायत रखते हुए कहा कि हमारे गांव में एक लड़के की मारपीट कर उसकी हत्या कर दी गई। इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी सत्यवान शर्मा ने इत्तफाकिया कार्रवाई करवाकर मामला बंद कर दिया। मुझे कई बार दूसरे पक्ष के लोग जाने से मारने की धमकियां दे चुके हैं कि हमारे ऊपर हत्या का केस दर्ज करवाना चाहता था। इसके चलते मैं अपने घर भी नहीं जा पा रहा।
- एडीजीपी ने कहा कि डीएसपी साहब आप मामले की जांच करें। पांच दिनों के अंदर इस युवक का घर जाना शुरू करवाए।
एसआईटी गठित है, जांच चल रही है
फर्जी फर्म मामले को लेकर कालांवाली के योगेश जैन ने एएसआई प्रहलाद सिंह पर मामले से 15 लोगों के नाम हटाते हुए पैसे लेने के आरोप लगाए। एडीजीपी ने कहा कि आपके पास कोई सबूत है। योगेश जैन ने कहा कि मेरे पास पैन ड्राइव से लेकर सबकुछ था। एएसआई साहब ने सब नष्ट कर दिया है। एडीजीपी ने कहा कि इस मामले में एसआईटी गठित है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
बुजुर्ग महिला ने मांगा न्याय
गांव अबूबशहर निवासी एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि करीब आठ महीने पहले उसके पति की मृत्यु हो गई थी। उसके दोहते ने धोखे से बैंक के कागजों पर अंगूठा लगवाकर खाते से 16 लाख रुपये निकल लिए। अब वह इधर-उधर भटक रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने इस मामले एसएचओ सदर राजपाल को जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए।
नशा मुक्ति शिविर लगाए, नशा तस्करों की जानकारी सांझा करेंगे
ग्राम पंचायत मसीतां के सरपंच जगसीर सिंह ने अपने गांव में नशा मुक्ति शिविर लगाने की मांग करते हुए नशा तस्करों की जानकारी सांझा करने की बात कही। श्रीकांत जाधव ने आगामी दिनों में शिविर का आयोजन कर काउंसिलिंग करके नशा छुड़वाने, मेडिकल फ्री देने के साथ नशा तस्करों को पकड़ने की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।