पिछले साल से पंजाब गई थी 15 लाख मीट्रिक टन पराली, अब स्टाॅक की दिशा में काम करेेगा प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पंजाब की फैक्टरियों में जाने वाली पराली को सीमा पर रोकने के बाद अब जिला प्रशासन ने दूसरे राज्यों से आने वाले धान की खरीद पर पाबंदी लगाने की तैयारी शुरू कर दी है।
पंजाब की फैक्टरियों में जाने वाली पराली को सीमा पर रोकने का मामला सामने आने के बाद बुधवार को पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बैठक कर विशेष योजना बनाई है। जिला प्रशासन ने पराली का स्टॉक करने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। कालांवाली, ओढ़ा और डबवाली में 30 प्रतिशत पराली प्रबंधन का कार्य किया जा चुका है। सूत्रों के अनुसार हरियाणा की मंडियों में पंजाब और राजस्थान से बड़े स्तर पर धान आता है। पंजाब में पराली ले जाने पर रोक लगाने के बाद अब पंजाब और राजस्थान से आने वाले धान पर रोक लगाने की तैयारी प्रशासन ने शुरू कर दी है।
उप निदेशक डाॅ. सुखदेव कंबोज ने बताया कि पराली प्रबंधन की दिशा में काम तेजी से जारी है। पराली का स्टाॅक बेलर कर रहे हैं। पराली न जलाई जाए, यही प्रयास है। पंजाब में बड़े स्तर पर पराली जाती है। उस दिशा में उच्चाधिकारी कार्रवाई कर रहे हैं। हमारी ओर से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। किसान अपने अपने खेतों में पराली का भंडारण कर लें।
- यह है मामला
पंजाब में पराली से बायोडीजल बनाने की फैक्टरियां लगी हैं। इनमें बड़े स्तर पर जिले से पराली जाती है। पिछले साल भी 15 लाख मीट्रिक टन के आसपास पराली पंजाब गई थी। इस बार भी इससे ज्यादा पराली जाने की उम्मीद थी, लेकिन पंजाब की सीमाओं से पुलिस ने पराली की ट्राॅलियाें को बीते दिनों वापस भेज दिया गया था।
- कोट-
हमारे पास ऐसा कोई पत्र नहीं आया है, इसका पता करने के बाद ही बताया जा सकेगा। - विक्रांत भूषण, एसपी सिरसा।