सिरसा। जिले में ईद का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान सदर बाजार और रानियां रोड स्थित ईदगाह में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद की नमाज पढ़ी और एक दूसरे के गले मिलकर बधाई दी। सालों से सदर बाजार और रानियां रोड स्थित ईदगाह में ईद मनाई जाती रही है। मुस्लिम समुदाय के लोगों को ईद की शुभकामनाएं देने के लिए राजनीतिक पार्टियों के लोग भी पहुंचे। वहीं बाजारों में खरीददारी करते हुए लोग नजर आए।
बता दें कि ईद के मौके पर जिले भर से लोग आकर शहर की ईदगाह में नमाज पढ़ते है और सामाजिक सौहार्द की कामना करते हैं। आपसी भाईचारे के रूप में इस त्योहार को मनाया जाता है। बता दें कि पिछले एक माह से रमजान माह चल रहा है। रमजान माह की समाप्ति पर ईद-उल-फितर मनाई गई। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह को याद करते हैं। यहां सबसे पहले लोग वजू करते है। हिंदू समाज में इसे पंच स्नान कहा जाता है। वजू के बाद सभी ईदगाह में नमाज पढ़ते हैं।
ईद पर विशेष तौर पर बनाई जाती है सेवइयां
ईद के अवसर पर लोग अपने-अपने घरों में बहुत से पकवान बनाते हैं। इस दिन सेवइयां बनाने का खास महत्व है। वहीं इस दिन सभी मुस्लिम समाज के लोग मिठाइयां, नमकीन, शरबत व अन्य सामान बनाते हैं। वहीं ये सब बनाने के बाद एक-दूसरे के घरों में जाकर ईद की बधाई देते हैं।
ईद पर फितर का है विशेष महत्व
फितर वो रकम होती है जो खाते-पीते, साधन संपन्न घरानों के लोग आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को देते हैं। ईद की नमाज से पहले इसका अदा करना जरूरी होता है। फितर की रकम भी गरीबों, बेवाओं व यतीमों और जरूरतमंदों को दी जाती है। इस बार फितर के रूप में 45 रुपये तय किए गए हैं। लोगों को 45 रुपये के हिसाब से प्रत्येक सदस्य का फितर देना होगा। हर व्यक्ति को फितर के रूप में एक किलो 633 ग्राम गेहूं या इसके बाजार भाव के लिहाज से राशि देना होगी।