संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में कबूतरबाजी के बढ़ते मामलों को लेकर अब पुलिस अलर्ट हो गई है। बुधवार को विभिन्न थानों की पुलिस ने अभियान चलाकर जिले के इमिग्रेशन सेंटरों पर कार्रवाई करते हुए अनुमति पत्रों की जांच की है। इसके साथ ही सभी सेंटरों का नाम, उनका रिकॉर्ड, संचालक, स्थान सहित अन्य जानकारी भी दर्ज की है।
बता दें कि जिले में लंबे समय से ही कबूतरबाजी के मामले सामने आ रहे हैं। कई बार युवकों को लालच देकर अलग देशों का नाम बता दूसरे देश में पहुंचा दिया जाता है। इसके चलते अब जिला पुलिस की ओर से जांच अभियान चलाया गया। बुधवार को पुलिस की अलग-अलग टीमें विदेश में भेजने संबंधित फाइल लगाने और पढ़ाई करवाने वालों के केंद्रों पर पहुंची और संचालकों से पूछताछ की गई। पुलिस ने सभी संचालकों के दस्तावेजों की जांच की ओर उनकी जानकारी भी दर्ज की है।
कई इमिग्रेशन सेंटर संचालकों के खिलाफ हैं मामले दर्ज
शहर में ही 200 के करीब इमिग्रेशन सेंटर है, जोकि युवाओं को आइलेट्स करवाने के बाद उनको विदेश भेजते हैं। शहर के ही कई इमिग्रेशन सेंटर संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी और युवाओं का गलत देश में भेजने के मामले भी सामने आ चुके हैं। अब कबूतरबाजी संबंधित मामलों के बढ़ने और विदेशों में माहौल खराब होने को लेकर भी पुलिस की ओर से इस तरह की सख्ती की जा रही है।
इमिग्रेशन सेंटर संचालकों में बनी हड़कंप की स्थिति
पुलिस की ओर से जांच अभियान चलाए जाने की सूचना मिलने के बाद सेंटर संचालकों में भी हड़कंप की स्थिति बन गई। इसके चलते कई सेंटर संचालक को सेंटर को ही बंद कर चले गए। पुलिस की ओर से लगातार इस तरह के अभियान चलाकर रजिस्टर्ड सेंटरों से ही फाइल लगवाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
वर्जन
विदेश भेजने वाले एजेंटों व पढ़ाई करवाने वाले सेंटरों की जांच की गई है। उनके दस्तावेजों व रजिस्टर्ड की जानकारी भी दर्ज की गई है। जिलेभर में अभियान चलाया गया है। - सुरजीत सिंह, पुलिस प्रवक्ता, सिरसा।