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Sirsa News: डबवाली अस्पताल में ओएसटी सेंटर में होगा नशा पीड़ित लोगों का इलाज

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नागरिक अस्पताल , डबवाली - फोटो : Sirsa
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डबवाली। डबवाली वासियों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही सामान्य अस्पताल में नशा ग्रस्त रोगियों की जांच और इलाज की सुविधा मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना पर काम भी कर लिया है। जल्द ही डबवाली अस्पताल में ओएसटी (ओपियड सब्टीच्यूशन थेरेपी) सेंटर शुरू किया जाएगा। इसके लिए स्टाफ नर्स की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। जल्द ही इसकी सेवाएं शुरू होंगी। इसके बाद नशा ग्रस्त रोगियों का इलाज होगा। जहां पर उनकी नशे की आदत को छुड़ाया जा सकेगा।
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डबवाली शहर पंजाब और राजस्थान की सीमाओं से जुड़ा है। ऐसे में नशा की चपेट में आए लोगों की संख्या अधिक है। डबवाली क्षेत्र की बड़ी समस्या भी नशा ही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने योजना बनाई है कि डबवाली अस्पताल में ओएसटी सेंटर स्थापित किया जाए। इसके बाद आसपास के लोगों को सुविधा मिलेगी और पीड़ितों का नशा धीरे-धीरे छुड़वा दिया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। नर्स का प्रशिक्षण भी पूरा करवा लिया गया है। जल्द ही नियुक्ति हो जाएगी और सेंटर शुरू होगा।
जानिए...क्या है ओएसटी सेंटर, कैसे करता है काम
ओएसटी सेंटर पर उन नशा ग्रस्त पीड़ितों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा जो विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हैं। इनमें टीबी, एचआईवी संक्रमित सहित अन्य बीमारियों की जांच के लिए आए मरीजों को शामिल किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई नशा लेने का आदि है तो उसका यहां पंजीकरण कर नशा छुड़ाने का प्रयास किया जाएगा। प्रतिदिन एक पुड़िया दी जाएगी, उसके बाद उसे महसूस होगा कि उसने नशा ले रखा है। इस प्रकार धीरे-धीरे कर उसका नशा कम कर दिया जाएगा और निर्धारित समय के बाद उक्त पीड़ित नशा से मुक्त हो जाएगा।
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डबवाली अस्पताल में शुरू हुआ सुकून रूम
स्वास्थ्य विभाग के आदेश पर डबवाली अस्पताल में सुकून रूम स्थापित कर दिया गया है। सुकून रूम में उन बच्चों को रखा जाएगा, जो किसी भी तरह से प्रताड़ना केस में आएंगे। वह चाहे शारीरिक हो या मानसिक। ऐसे में इन रूम में न केवल बच्चे को अलग रखा जाएगा बल्कि उसकी काउंसिलिंग भी की जाएगी। सुकून रूम का सिविल सर्जन डॉ. मनीष बांसल ने निरीक्षण किया और सुविधा जांची थी।
सिविल सर्जन के निर्देश पर पेंटिंग का काम शुरू
सिविल सर्जन डॉ. मनीष बांसल ने शनिवार को डबवाली अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए थे। अब उन निर्देशों पर काम करना शुरू कर दिया गया है। डबवाली अस्पताल कैंपस में पेंटिंग का काम शुरू कर दिया गया है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को जागरूक करते स्लोगन लिखे जा रहे हैं। इतना ही नहीं धूम्रपान रोकने, नशा छोड़ने और सरकारी योजनाओं के संबंधी भी जानकारी प्रकाशित की जा रही है।
जल्द मिल सकती है बच्चों की डॉक्टर की सुविधा
डबवाली अस्पताल में अभी तक बच्चों के विशेषज्ञ डॉक्टर की उपलब्धता नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में भी प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद है कि डबवाली अस्पताल को जल्द ही बाल रोग विशेषज्ञ की सेवाएं भी मिल सकती हैं। यदि ये सुविधा मिल जाए तो शहरवासियों को निजी अस्पतालों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
चौटाला मामले की जांच के आदेश, तीन दिन में रिपोर्ट देनी होगी
चौटाला में गर्भ में हुए तीन शिशुओं की मौत की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। यहां ग्रामीणों का धरना भी चल रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। सूत्र बताते हैं कि विभाग के अधिकारियों ने चौटाला स्वास्थ्य केंद्र पर ही अब स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निजी तौर पर स्त्री रोग विशेषज्ञ को अनुबंध के तौर पर नियुक्ति की जा सकती है। हालांकि चौटाला स्वास्थ्य केंद्र पर 7 डॉक्टरों की पोस्ट हैं और सभी डॉक्टर उपलब्ध भी हैं। इनमें से दो डॉक्टर पीजी के लिए अवकाश पर हैं। इस घटनाक्रम की जांच के लिए सिविल सर्जन ने जांच के आदेश दिए। जांच के लिए एसएमओ डॉ. सुखवंत सिंह और डॉ. सुदीप गोयल को जिम्मेदारी दी गई है। तीन दिन में जांच करके रिपोर्ट देनी होगी। उम्मीद है कि उक्त जांच अधिकारी सोमवार को चौटाला स्वास्थ्य केंद्र का दौरा कर जांच करेंगे और रिपोर्ट तैयार करेंगे।
अब इमरजेंसी मरीजों को बठिंडा एम्स भेजा जा सकेगा
डबवाली अस्पताल में आए इमरजेंसी मरीजों को अब बठिंडा एम्स भेजा जा सकेगा। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. मनीष बांसल ने आदेश जारी कर दिए हैं। बता दें कि डबवाली में आए गंभीर मरीजों को सिरसा अस्पताल रेफर करने की अभी तक व्यवस्था थी, सिरसा से अग्रोहा और फिर आगे रोहतक तक भेजा जाता था जो 250 किलोमीटर से ज्यादा का सफर था। जबकि डबवाली से बठिंडा एम्स केवल 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में अब सिविल सर्जन ने आदेश जारी किए हैं कि इमरजेंसी की स्थिति में सीधा एम्स के लिए मरीज को रेफर किया जा सकता है।
चौटाला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवजात शिशुओं की मौत मामले जांच को लेकर दो सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। उन्हें तीन दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए गए हैं। जिसमें एसएमओ सुखवंत सिंह व सहायक एसएमओ सुदीप गोयल को जांच कमेटी का सदस्य बनाया गया है।
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-डॉ. एमके भादू, एसएमओ, डबवाली।
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