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Sirsa News: घग्गर का बहाव बदलने को लेकर पांच गांव के लोग भिड़े, एक महिला सहित चार घायल

Tue, 18 Jul 2023 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। घग्गर नदी का जलस्तर 54 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है। नदी के बीच बने छोटे तटबंध टूट चुके हैं। अब 49 गांवों के साथ नदी का पानी लग चुका है। मंगलवार को बुर्जकर्मगढ़ के पास पानी निकालने को लेकर पांच गांव के ग्रामीण भिड़ गए। इसमें एक महिला सहित चार लोग घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत करवाया।
शुक्रवार रात को गांव मुसाहिबवाला के पास घग्गर नदी का तटबंध टूटने के बाद पांच दिनों से पनिहारी, बुर्जकर्मगढ़, फरवाई कलां, फरवाई खुर्द और नेजाडेला खुर्द के साथ पानी लगा हुआ है। यहां पर लगातार पानी का स्तर बढ़ रहा है। इसके चलते बुर्जकर्मगढ़ के गांवों में पानी घुस गया है। गांव बुर्जकर्मगढ़ के प्रवेश रास्ता पर दो से तीन फुट तक जलभराव है। मंगलवार सुबह छह बजे पनिहारी व बुर्जकर्मगढ़ गांव की महिलाएं, पुरुष व युवा नेशनल हाईवे के नीचे बंद किए साइफन को खोलने के लिए पहुंच गए। युवाओं ने साइफन में डाली हुई मिट्टी को निकाल दूसरी तरफ पानी की निकासी करवानी शुरू कर दी। सूचना मिलने पर गांव फरवाई कलां, फरवाई खुर्द, नेजाडेला खुर्द के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पनिहारी व बुर्जकर्मगढ़ क्षेत्र के युवाओं को रोकने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। मामला भड़कने पर यहां पर दोनों पक्षों में लाठी डंडे और ईंट-पत्थर चल गए। आधे घंटे तक ग्रामीण आपस में भिड़ते रहे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को दूर कर किया। इस दौरान एक तरफ के ग्रामीण रोड पर धरना देकर बैठ गए और साइफन खोलने के बाद ही वापस जाने की बात पर अड़े रहे। दूसरी तरफ के ग्रामीण उन साइफनों को बंद करने की जिद्द पर अड़े रहे। ऐसे में पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीणा, एएसपी दीप्ति गर्ग डीएसपी व सिविल लाइन थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिस कर्मचारी मौके पर तैनात रहे। मामले को सुलझाने के लिए ग्रामीणों की कमेटी बनाई गई। करीब तीन घंटे तक चली बातचीत के बाद भी कोई हल नहीं निकल पाया और स्थिति को वैसे ही बनाए रखने का निर्णय लिया गया। यहां पर शाम ढ़ाई बजे तक मामला गंभीर बना रहा। इसके बाद पुलिस ने सभी गांव वासियों को वहां से वापस भेज दिया।
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गांव वासियों ने एक-दूसरे पर लगाए डूबोने के आरोप
पनिहारी क्षेत्र के ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव से अब एक से डेढ़ फुट का लेवल कम रह गया है अगर अब पानी बढ़ता है तो उनका पूरा गांव डूब जाएगा। पानी का लेवल कम करने के लिए उन्होंने साइफनों को खोलने का प्रयास किया है। दूसरे गांव के लोग खेत बचाने के लिए उन्हें रोकने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरे गांव वासियों का कहना है कि अगर साइफन खोले जाते है तो उनका बचा हुआ गांव भी इससे डूब जाएगा। गांव में अभी दो तरफ पानी है। अगर साइफन खोल दिए तो गांवों का बिजलीघर, स्वास्थ्य केंद्र, 53 हजार एकड़ व 350 ढाणियां डूब जाएंगी। इसके साथ लगते सात गांव भी इसकी चपेट में आ जाएंगे। इसके बचाने के लिए वह प्रयास कर रहे हैं।

जेसीबी के लिए नेशनल हाईवे किए जाम, अधिकारियों ने भेजी
क्षेत्र में रंगोई नाला भी अब ओवरफ्लो चल रहा है। इसके टूटने का डर बना हुआ है। ऐसे में आसपास के गांव वासियों ने तटबंध को मजबूत करने के लिए अधिकारियों से जेसीबी की मांग की तो अधिकारियों ने उपलब्ध न होने की बात कह उन्हें लौटा दिया। इससे रोषित गांव वैदवाला, सिकंदरपुर सहित अन्य गांव वासियों ने मोरीवाला के पास रंगोई नाला के पुल पर नेशनल हाईवे को दोनों तरफ से जाम कर दिया। सूचना मिलने पर डिंग थाना से राजबाला पुलिस के साथ मौके पर पहुंचीं और किसानों से बातचीत की। किसान नेता भूपेंद्र सिंह वैदवाला ने कहा कि जब तक उन्हें जेसीबी नहीं दी जाती तब तक वह जाम नहीं खोलेंगे। इसके बाद अधिकारियों ने दो जेसीबी उपलब्ध करवाई। करीब आधे घंटे तक यहां पर जाम की स्थिति बनी रही।


साढ़े 10 हजार एकड़ फसल जलमग्न
घग्गर नदी के पानी से जिले में साढ़े 10 हजार एकड में फसल जलमग्न हो चुकी है। 15 गांवों के ग्रामीणों ने अधिक खतरे को देखते हुए सामान निकाल सुरक्षित जगह पर भेज दिया है। प्रशासन लगातार लोगों को शांति बनाए रखने और बांधों की निगरानी करने की अपील कर रहा है। ओटू हेड में अब 35 हजार क्यूसेक पानी पहुंच रहा है, जोकि अब तक का सबसे अधिक है।
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खैरेकां के पास से टूटा नदी का छोटा तटबंध, चामल के पास आमने-सामने हुए दो पक्ष
सोमवार देर रात करीब डेढ़ बजे गांव खैरेकां के पास से घग्गर नदी का छोटा तटबंध टूट गया। इस नदी का पानी बड़े तटबंध के साथ लग गया और फसल को अपनी चपेट में लेता गया। पानी अधिक होने के कारण चामल के पास माइनर का तटबंध भी टूट गया। सूचना पाकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। जब ग्रामीणों ने माइनर के गेट को बंद करने का प्रयास किया तो वह फ्री हो गया और तेजी से नीचे आने के कारण सही तरह से बंद नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने लकड़ियों व जाली की सहायता लेकर पानी को रोक लिया। डीसी पार्थ गुप्ता व एसपी उदय मीणा मौके पर पहुंचे। वहीं पानी धनूर गांव के खेतों में पहुंचा है। अगर यह पानी धनूर से धोतड़ व सुलतानपुरिया की साइड की तरफ पहुंचता है, तो इससे रानियां शहर में भी जलभराव होने का खतरा बना हुआ है।


घग्गर का जलस्तर
स्थान, जलस्तर
गुहलाचीका, 47907
खनौरी, 14050
चांदपुरा, 21300
सरदूलगढ़, 53300
ओटू हेड, 34500
राजस्थान साइफन, 30500
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