सिरसा। नागरिक अस्पताल प्रशासन जहां स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का दावा कर रहा है। वहीं नागरिक अस्पताल में बने कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन कक्ष की तरफ जाने वाले गलियारे में ही टीबी ग्रसित लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। वह भी बिना किसी मास्क या ग्लव्ज के। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
जहां एक ओर स्वास्थ्य विभाग टीबी मुक्त 2025 भारत का नारा दे रहा है। वहीं धरातल पर इसकी तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है। प्रतिदिन नागरिक अस्पताल में करीब 100 मरीज टीबी के उपचार के लिए आते हैं। वहीं 50 से 60 लोगों के टीबी के सैंपल लिए जाते हैं। नागरिक अस्पताल में टीबी की बीमारी के मरीजों के साथ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी सुविधाओं को तरस रहे हैं। नागरिक अस्पताल में टीबी के मरीजों के सैंपल लेने के लिए नागरिक अस्पताल में कमरा तक नहीं है।
इसके अभाव में नागरिक अस्पताल में कर्मचारी सीटी स्कैन के कक्ष को जाने वाली गली में ही एक काउंटर लगाकर मरीजों के सैंपल लेने में मजबूर हैं। हैरानी वाली बात तो यह है कि अस्पताल में सैंपल लेने वाले कर्मचारियों के पास ही लगाने के लिए मास्क और ग्लव्स तक नहीं हैं। इससे मरीजों के आसपास केस गुजरने और टच में आने वाले मरीजों को संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ेगा। ऐसे में नागरिक अस्पताल में लापरवाही का अंदाजा लगा सकते हैं।
खुले में गंदगी में बैठने के मजबूर मरीज
नागरिक अस्पताल में जिस जगह पर मरीजों के टीबी के सैंपल लिए जा रहे हैं। वहीं गंदगी का आलम है। कूड़े के ढेर, पशुओं का गोबर पड़ा है, जिससे बदबू फैल रही है। मरीजों के बैठने के लिए कोई सुविधा नहीं है। मरीजों को घंटों खड़े रहकर इंजतार करना पड़ता है। इससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ईंटों की बनी जालीदार खिड़की से ले रहे सैंपल
अस्पताल में सीटी स्कैन के गलियार में चल रही सैंपल लेने की जगह पर दोनों और ईंटों की जालीदार दीवार बनी हुई है। इससे मरीज छोटे से छेदनुमा खिड़की से सैंपल देने को मजबूर हैं। खास बात यह है कि यह काउंटर प्रतिदिन लगाया और हटाया जाता है। इससे टीबी जैसी संक्रामक बीमारी के फैलने का खतरा बढ़ रहा है और इसे लेकर सैंपल लेने वाले कर्मचारी भी परेशान हैं।
उच्च अधिकारी नहीं ले रहे संज्ञान
काउंटर पर ड्यूटी के दौरान कर्मचारी ने बातचीत में बताया कि पिछले छह महीने से प्रतिदिन सुबह काउंटर लगा लेते हैं और काम खत्म होने के बाद हटाना पड़ता है। क्योंकि बीच रास्ते में होने के कारण सीटी स्कैन के मरीजों को भी आने जाने में परेशानी होती है। बिना मास्क के काम कर रहे हैं। कई बार उच्च अधिकारियों को बोला गया है लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।
इसको लेकर प्रबंध करवाए जाएंगे। टीबी के मरीजों को किसी भी प्रकार की कोई भी परेशानी नहीं आने दी जाएगी। - डाॅ. महेंद्र भादू , सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल सिरसा।