संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नागरिक अस्पताल के 200 बेड के नए भवन को तैयार करने के लिए प्रशासन दो वर्षों से जगह तक का चयन नहीं कर पाया है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। नागरिक अस्पताल के प्रसूता वार्ड में बेड की कमी के चलते एक ही बेड पर दो-दो मरीजों को दाखिल किया जाता है। मरीजों के परिजनों का कहना है अस्पताल में उन्हें बेड नहीं मिल पा रहा और गर्मी व उमस के कारण जच्चा और बच्चा दोनों को परेशान होना पड़ता है।
नागरिक अस्पताल के प्रसूता वार्ड में हर रोज 60 से 70 मरीजों की ओपीडी होती है। इसके अलावा हर रोज करीब 20 महिलाओं की डिलिवरी की जाती है। प्रसूता वार्ड के तीन कमरों में 24 बेड लगे हैं। सामान्य डिलिवरी के बाद मरीज तो तीन दिनों, जबकि ऑपरेशन के बाद पांच से छह दिन मरीजों को अस्पताल में दाखिल किया जाता है। ऐसे में बेडों की संख्या कम होने के कारण मरीजों को उसी वार्ड में एक बेड पर दो मरीजों को दाखिल रखा जाता है। इसके कारण जच्चा और बच्चा दोनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
लेबर रूम और कंगारू वार्ड बनाने पर कम हुए बेड
नागरिक अस्पताल के प्रसूता वार्ड में विभाग ने 60 बेड लगाए हैं। इसमें कंगारू वार्ड, लेबर रूम व महिलाओं के लिए अलग से वार्ड बनाए जाने के बाद यहां पर केवल ऑपरेशन और सामान्य डिलीवरी वाले जच्चा के लिए केवल 40 बेड ही शेष रहते हैं। बेडों और जगह की कमी के कारण मरीजों को इस परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उमस और गर्मी के कारण भी बेहाल मरीज
नागरिक अस्पताल के भवन में बने जच्चा बच्चा वार्ड में मरीजों के लिए पंखे और कूलर तो लगाए गए हैं, लेकिन मरीज अधिक होने के कारण यहां उमस और गर्मी से भी उन्हें परेशान होना पड़ता है। अस्पताल में दाखिल एक मरीज की छुट्टी होती है, तो वहां पर दूसरे मरीजों को अन्य वार्ड से शिफ्ट कर भर्ती कर दिया जाता है।
तीमारदार बोले : दो दिन से भर्ती है मरीज, लेकिन नहीं मिल पाया एक बेड
तीमारदारों का कहना है मरीज को अस्पताल में भर्ती तो करवा दिया और डिलीवरी भी हो गई। लेकिन मरीजों को अलग से एक बेड नहीं मिल पाया है। सभी बेडों पर दो मरीजों को दाखिल किया गया है। तीमारदारों का कहना है कि वह कई बार डॉक्टर व कर्मचारियों से बातचीत कर चुके हैं, लेकिन उन्हें एक बेड की सुविधा नहीं मिल पाई है। दो दिन अभी मरीजों को अस्पताल में ही रखने की बात कही है।
वर्जन
अस्पताल में हर रोज 20 मरीजों की डिलीवरी होती है, लेकिन जगह की कमी होने के कारण बेडों की संख्या को नहीं बढ़ाया जा सकता। मरीजों की संख्या बढ़ती है, तो उन्हें दूसरे वार्डों में शिफ्ट कर दिया जाता है। नए भवन के बनने के बाद ही बेडों की संख्या को बढ़ाया जा सकेगा। - डॉ. संदीप गुप्ता, पीएमओ, नागरिक अस्पताल सिरसा।
नागरिक अस्पताल के प्रसूता वार्ड में एक ही बेड पर दाखिल दो मरीज ।- फोटो : Sirsa