संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा/ बडागुढ़ा। गांव खैरेकां में तालाब के आसपास बने मकानों की पैमाइश करने के लिए पहुंचे अधिकारियों का ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। ग्रामीणों ने पहले ही 200 मकानों को ताले लगा दिए और अधिकारियों के पहुंचने पर उन्हें चाबियां सौंप दीं।
करीब दो घंटे तक अधिकारी यहां पर ग्रामीण महिलाओं व पुरुषों का समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ये लीजिए मकान की चाबी और खुद ही खोलकर पैमाइश कर लें। इसके बाद अधिकारियों को बिना पैमाइश के ही लौटना पड़ा।
गांव खैरेकां में तालाब के आसपास करीब 200 से अधिक परिवार बसे हुए हैं। इन्होंने आजादी के बाद गांव में ही खाली पड़ी जगह पर अपने मकान बना लिए और शरण ले ली। इस जमीन की कोई भी रजिस्ट्री नहीं है। ऐसे में मामले की शिकायत कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचने के बाद अब बीडीपीओ की ओर से रिपोर्ट तैयार की जानी है। इसके लिए सिरसा बीडीपीओ रमेश कुमार पुलिस बल को साथ लेकर गांव में पैमाइश करने के लिए पहुंचे। मामले की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने अपने मकानों को ताला लगा दिया और बाहर सड़क पर बैठ गए।
अधिकारियों ने जब पैमाइश करने की प्रक्रिया शुरू करने का प्रयास किया और घरों के ताले खोलने के लिए कहा। ग्रामीणों ने इस पर रोष जताना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने मकानों की चाबियां अधिकारी को सौंपते हुए कहा कि इससे मकान खोल लो और मकान तोड़ना है तो वह भी तोड़ दो। करीब दो घंटे बाद यहां से अधिकारी लौट गए।
ग्रामीण बोले- प्रशासन की ओर से दी जाए जगह
महिला सुमित्रा रानी, प्यारो बाई, देसराज, कर्ण सिंह, लवप्रीत सिंह ने बताया कि 76 वर्ष पहले आजादी के बाद उनके परिवार के सदस्य इस गांव में पहुंचे थे। उस समय यह पूरा क्षेत्र खाली था। ऐसे में उन्होंने मकान बनाकर यहां पर रहना शुरू कर दिया था। सरकार की ओर से बिजली, पानी सहित अन्य सुविधाएं भी दी जा ही हैं। गांव के ही कई लोग उनसे रंजिश रखे हुए हैं और उन्हें यहां से हटाना चाहते हैं। गांव में इसी क्षेत्र में 200 मकान बने हुए हैं। अधिकारी कह रहे है कि यहां पर जोहड़ है, जबकि जोहड़ भी उनके पूर्वजों के बसने के बाद ही बना था। अब अधिकारी बार उन्हें नोटिस जारी कर रहे हैं और पैमाइश के लिए यहां पर आ जाते हैं।
कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायत आई थी। जिसके बाद गांव में पैमाइश करने के लिए गए थे, लेकिन ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। अब इसकी रिपोर्ट कष्ट निवारण की बैठक में की जाएगी। इसके बाद जो भी निर्देश दिए जाएंगे उस अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - रमेश कुमार, बीडीपीओ, सिरसा ।
गांव खैरेकां में घर पर ताला लगाती हुई महिला । संवाद