सिरसा। केंद्र सरकार द्वारा तीन कृषि कानूनों को संसद में रद्द करने के बाद भी जहां बाकी मांगों को लेकर दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर बैठे किसानों और संयुक्त किसान मोर्चा की बैठकों का दौर जारी है। वहीं सिरसा में किसान आंदोलन के दौरान देशद्रोह, रेल रोको, सड़क जाम, ऐलनाबाद उपचुनाव में किसान नेताओं पर अनेकों मुकद्दमे दर्ज हुए हैं। ऐसे में किसान नेताओं को नोटिस थमाकर पेश होने के लिए पुलिस द्वारा कथित तौर पर दबाव बनाया जा रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा के घटक अखिल भारतीय किसान सभा के जिला महासचिव रोशन सुचान पर 6 मुकद्दमे दर्ज हैं। रेल रोकने के दो केस में रेलवे पुलिस द्वारा रेल अधिनियम 180-बी के तहत किसान नेता रोशन सुचान को नोटिस भेजकर बीती 29 मार्च को सिरसा रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 4729 रेवाड़ी-फाजिल्का को छह घंटे जाम करने पर मुकदमा व रेल अधिनियम के तहत मुकदमे के अलावा 18 अक्तूबर को धारा 147, 158, 159, 174-सी और रेल अधिनियम के तहत पेश होने के लिए कहा गया तो नोटिस न लेने पर डाक और घर के बाहर नोटिस लगाकर पेश न होने पर कानूनी कार्रवाई करने के लिए चेतावनी दी गई है। वहीं जिला न्यायालय द्वारा सड़क जाम करने पर थाना डिंग में एफआईआर दर्ज है।