ओढां। गांव ओढां में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों ने सराहनीय कार्य करते हुए देसी तरीके से पक्षियों के लिए 12 फुट ऊंचा टावरनुमा रैन बसेरा तैयार किया है। मिट्टी से निर्मित व मटकों के माध्यम से हवा की क्रॉसिंग होने के चलते यह गर्मी में भी ठंडा रहेगा। इसे बनाने में 20 दिन का समय और 30 हजार रुपये का खर्च आया है।
रैन बसेरा ओढां में नुहियांवाली रोड पर हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है। डेरा अनुयायी कुलजीत सिंह व गौरव शर्मा ने बताया कि उनका पिछले काफी समय से इस बात पर मंथन चल रहा था कि क्यों न पक्षियों को बचाने के लिए कुछ अलग प्रयास किया जाए। इसके बाद उन्होंने पक्षियोद्धार मुहिम के तहत इस रैन बसेरे को बनाने का खाका तैयार किया। रैन बसेरा खुला व वृक्षों के बीच होने के चलते यहां पर पक्षियों की हर समय चहचहाहट रहेगी।
रैन बसेरा 12 फुट ऊंचा व 7 फुट चौड़ा है। इसमें 125 मटके लगाए गए हैं। हवा क्रॉसिंग के लिए पर्याप्त व्यवस्था होने के साथ इसकी तालाब की मिट्टी से पुताई की गई है। यही कारण है कि गर्मी में यह ठंडा रहेगा। बारिश के दौरान भी पक्षियों को कोई दिक्कत नहीं आएगी। रैन बसेरे की ऊपरी सतह पर सरकंडों व सूखी घास की सहायता से गुमटनुमा छत लगाई गई है। रैन बसेरा करीब 150 पक्षियों के लिए बना है। इस जगह पर पानी के सकोरे व चोगे के लिए जगह भी बनाई जाएगी।