सिरसा। सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को विभाग उच्च शिक्षा के बारे में जानकारी देगा। इसके लिए विभाग द्वारा जिलास्तरीय कमेटी भी गठित की गई। इसी के साथ विद्यार्थियों को उच्च शिक्षण संस्थानों का भ्रमण भी करवाया जाएगा। जिससे वो स्कूली शिक्षा के बाद अपने आगे के कॅरिअर के संबंध में निर्णय ले सकें।
पहले भी निजी स्कूलों द्वारा भ्रमण करवाया जाता रहा है, लेकिन सरकारी स्कूलों में अब इस भ्रमण को अनिवार्य कर दिया गया है। सप्ताह के प्रत्येक शनिवार को इस शैक्षणिक भ्रमण करवाया जाएगा। हरियाणा शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा विद्यार्थियों को कॉलेज, विश्वविद्यालय, आईटीआई का भ्रमण करवाएगा। ताकि विद्यार्थी 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद किस विषय में आगे पढ़ाई करनी है और उसके महत्व के बारे में जानकारी ले सके। साथ ही अपना बेहतर भविष्य बन सके। इसके लिए विभाग द्वारा स्कूलों को बजट भी जारी किया गया है। प्रत्येक स्कूल को 2 हजार रुपये का बजट दिया गया है। इस बजट द्वारा स्कूल आने-जाने का खर्चा वहन कर सकेगी।
उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों से कर सकेंगे बातचीत
प्रत्येक स्कूल से कुल 20 विद्यार्थी भ्रमण करने के लिए जाएंगे। जिसमें 10 लड़कियां व 10 लड़के होंगे। वहीं इस दौरान इन विद्यार्थियों के साथ एक महिला व एक पुरुष शिक्षक भी साथ जाएंगे। भ्रमण के दौरान जिस संस्थान में विद्यार्थी जाएंगे, वहां के विद्यार्थियों के साथ भी बातचीत कर पाएंगे। इस दौरान छात्राओं के मन में आए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर कॅरिअर को लेकर विद्यार्थियों से पूछ सकेंगे। वहीं उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक भी वहां पर मौजूद होंगे।
उच्च शिक्षण संस्थानों की योगशाला और लाइब्रेरी भी देखेंगे
भ्रमण के दौरान विद्यार्थी संस्थानों के उच्च शिक्षा का माहौल देखेंगे। वहीं इसी दौरान विद्यार्थियों को योगशाला और लाइब्रेरी का भ्रमण भी करवाया जाएगा। ताकि विद्यार्थी इनके बारे में जानकारी ले सके, क्योंकि विभाग द्वारा देखो और उसके बाद पूछो की पद्धति पर काम किया जा रहा है।
हरियाणा समग्र शिक्षा अभियान द्वारा ये नई पहल की गई है। पहले उच्च शिक्षा संस्थानों का भ्रमण निजी स्कूलों द्वारा ही करवाया जाता था। लेकिन अब सरकारी स्कूलों के लिए ये अनिवार्य कर दिया है। ताकि विद्यार्थियों को 10वीं व 12वीं के तुरंत निकलने के बाद कॅरिअर चुनाव को लेकर कोई दिक्कत न हो।
- गोपाल कृष्ण शुक्ला, सहायक परियोजना अधिकारी।