संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। यात्रियों को सुविधा और सुरक्षित यात्रा करवाने के परिवहन विभाग की ओर से बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन सिरसा डिपो की रोडवेज बसों में फर्स्ट एड किट तो दूर उनके बॉक्स तक गायब हैं। अग्निशमन यंत्र कब भरे गए और कितने समय के लिए वैलिड है इसकी तिथि तक दर्ज नहीं। ऐसे में अगर कोई हादसा होता है तो यात्रियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सिरसा डिपो की 176 बसों में हर रोज 30 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। इन बसों में यात्रियों की सुविधा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। अधिक बसों में फर्स्ट एड किट तो दूर उनके बॉक्स तक गायब हैं। अगर किसी बस में फर्स्ट एड बॉक्स मिल जाता है तो उसमें दवाइयों की तिथि भी एक्सपायरी होती है। कई बसों में अग्निशमन यंत्र गायब हैं। जिन बसों में यंत्र लगे हैं, उन पर तिथि तक अंकित नहीं है। वह कब भरे गए थे और कब तक उनका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बावजूद विभाग की ओर इसकी जांच तक नहीं की गई है। विभाग की ओर से बरती जा रही लापरवाही यात्रियों की जान जोखिम में भी डाल सकती है।
हर रोज करीब 10 से 12 लाख की होती है रोडवेज को आय
सिरसा डिपो में 32 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चलाई जा रही है। इन बसों में भी यात्रियों की सुविधा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं अगर रोडवेज की आमदनी की बात करते तो रोजाना विभाग को 10 से 12 लाख रुपये तक की आय होती है। इसके बाद भी रोडवेज बसों में यात्रियों की सुविधा के लिए के कोई उपकरण तक नहीं है।
बसों में नहीं लगी पीली लाइट, बीच रास्ते से लौट रहीं
ठंड के मौसम में घनी धुंध छाई रहती है, लेकिन रोडवेज ने अभी तक बसों पर पीली लाइट तक नहीं लगाई गई। सिरसा से दिल्ली, हिसार, रोहतक, चंडीगढ़, बहादुरगढ़, गुरुग्राम, राजस्थान और पंजाब के कई जिलों तक बसें पहुंचती हैं। पीली लाइट न होने के कारण धुंध में चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बसों में फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र आवश्यक हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए ये बेहद ही जरूरी है। बसों में जांच की जाएगी। सभी बसों में फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्रों को लगवाया जाएगा। - केआर कौशल, रोडवेज महाप्रबंधक, सिरसा डिपो।
रोडवेज बस में लगा अग्निशमन यंत्र, जिस पर तिथि नहीं है अंकित । संवाद- फोटो : Sirsa