सिरसा। नैफेड ने इस बार हैफेड से सरसों खरीद के लिए पूरी तरह से हाथ खड़े कर दिए हैं। हर साल नैफेड खरीद एजेंसी हैफेड से कुल खरीद का 25 फीसदी सरसों खरीदता है, लेकिन इस बार थोड़ी मात्रा में सरसों खरीदने के बाद नैफेड ने सरसों की खरीद से अपने हाथ खड़े कर लिए। हालांकि हैफेड की ओर से कई बार नैफेड को पत्राचार भी करने पड़े, लेकिन नैफेड ने हैफेड से सरसों लेने से साफ इन्कार कर दिया। मजबूरन हैफेड को अब पूरी सरसों खरीदनी पड़ रही है।
बता दें कि, हर साल नैफेड की ओर से हैफेड से कुल सरसों खरीद में से 25 फीसदी की खरीद करती है। लेकिन इस बार नैफेड ने सरसों की खरीद के लिए हैफेड के पास बारदाने की 258 गांठ ही भेजी, यानि नैफेड ने केवल 6 हजार मीट्रिक टन ही सरसों की खरीद की है। जबकि हैफेड को उम्मीद थी कि नैफेड उससे 40 हजार मीट्रिक टन सरसों की खरीद करेगा। पिछले साल नैफेड ने हैफेड की कुल खरीद की 25 फीसदी सरसों की खरीद की थी, लेकिन इस बार 6 हजार मीट्रिक टन सरसों हैफेड से लेने के बाद नैफेड ने अपने हाथ खड़े कर दिए।
हैफेड ने इसके लिए नैफेड से कई बार पत्राचार भी किया, लेकिन नैफेड ने सरसों खरीदने से साफ इन्कार कर दिया। इस बार हैफेड ने 1 लाख मीट्रिक टन सरसों की खरीद का लक्ष्य रखा था। जिसमें से अब तक 95 हजार मीट्रिक टन सरसों की खरीद भी हो चुकी है। इस बार नैफेड के पास सरसों न जाकर राज्य सरकार के पास ही रहेगी। बता दें कि गरीब परिवारों को राशन डिपो पर मिलने वाला सरसों का तेल सरकार हैफेड के माध्यम से ही भेजता है।
हैफेड ने फिलहाल जिले की 5 मंडियों में सरसों की खरीद कर रही है। वहीं 7 मंडियों में वेयर हाउस सरसों की खरीद कर रहा है। हैफेड अपनी सरसों की खरीद के लक्ष्य के पास लगभग पहुंच गया है और अब आगे वेयर हाउस सरसों की खरीद करेगा। हैफेड के अधिकारियों के अनुसार, नैफेड के हाथ खींचने के बावजूद भी इस बार सरसों की खरीद सुचारू तरीके से की गई है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। 72 घंटे के अंदर किसानों को सरसों की फसल का भुगतान भी किया जा रहा है।
नैफेड हर साल हैफेड को खरीद एजेंसी नियुक्त करके 25 फीसदी सरसों की खरीद करता है। इस बार नैफेड ने सरसों खरीदने से मना कर दिया। हालांकि हैफेड ने किसानों की सरसों का एक-एक दाना खरीदा है और किसानों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होने दी गई है।
-मांगेराम, डीएम, हैफेड सिरसा।