सिरसा। गांव शहीदांवाली में 15 गांवों के किसानों की पंचायत वीरवार देर शाम को हुई। पंचायत में फैसला लिया गया कि धिंगतानिया व भंभूर सलारपुर खरीफ चैनल के निर्माण की मांग को लेकर 7 मई को सीएम नायब सिंह सैनी के सिरसा आगमन पर उसने मुलाकात की जाएगी।
किसान संघर्ष समिति के सचिव जगरूप सिंह का कहना है कि किसान अपने मांग को लेकर 2 माह से अधिक समय तक लघु सचिवालय में धरने पर बैठे रहे। एक अप्रैल को बीजेपी नेता जगदीश चोपड़ा उनके बीच आए और जल्द ही मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने अपना धरना स्थगित कर दिया। जगरूप सिंह का कहना है कि धरना स्थगित किए हुए एक माह से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन बीजेपी सरकार ने धिंगतानिया व भंभूर सलारपुर खरीफ चैनल के निर्माण को लेकर कोई कदम आगे नहीं बढ़ाया। जिससे 15 गांवों के किसानों में नाराजगी है।
किसानों ने कहा कि 7 मई को सीएम नायब सैनी ने सिरसा में आना है। इस दिन किसान संघर्ष समिति उनसे मुलाकात करेगी। अगर इसके बाद भी 20 मई तक धिंगतानिया व भंभूर सलारपुर खरीफ चैनल के निर्माण को लेकर कोई कदम नहीं लिया तो किसान संघर्ष समिति महापंचायत कर बड़ा फैसला लेगी। महापंचायत में गांव खाजाखेड़ा, रंगड़ी खेड़ा, टीटू खेड़ा, रामनगरिया, धिंगतानियां, मोड़िया खेड़ा, नानक पुर, नटार, रंगड़ी खेड़ा, ढाणी जस्सा राम, चौबुर्जा व भंभूर के किसान पहुंचे थे।
कई साल से लड़ाई लड़ रहे हैं किसान
जगरूप सिंह चौबुर्जा का कहना है कि उक्त गांवों के किसान पिछले कई साल से धिंगतानिया व भंभूर सलारपुर खरीफ चैनल के निर्माण की मांग को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं। चैनल का निर्माण करने की घोषणा 2019 में की थी। घोषणा के बाद अब तक चैनल का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। वर्ष 2019 में खरीफ चैनल के निर्माण के लिए बजट राशि जारी हो चुकी है लेकिन आगे कुछ नहीं हुआ। किसानों कहना है कि दोनों खरीफ चैनल के निर्माण से 15 गांवों के किसानों को फायदा होगा। भूजल दूषित हो चुका है और 500 फीट गहराई में जा चुका है। ऐसे में ग्रामीणों को सिंचाई के लिए नहर निर्माण की काफी जरूरत है। इससे उनकी जमीनों को संजीवनी मिल जाएगी।