सिरसा। मानसिक रूप से बीमार दिव्यांग बेटी से दुष्कर्म करने वाले सौतेले पिता को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी सौतेले पिता पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सजा का फैसला सुनाए जाने से पहले दोषी ने रोते हुए न्यायाधीश प्रवीण कुमार से रहम की गुहार लगाई कि उसकी सजा में नरमी बरती जाए। न्यायाधीश ने कहा, तुमने ऐसा घिनौना कृत्य किया है, इसलिए नरमी की कोई गुंजाइश नहीं। ऐसे अपराध के लिए सख्त सजा दी जाएगी।
इस मामले में महिला थाना पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर अभियोग दर्ज किया था। मामले के अनुसार सिरसा शहर की एक महिला ने 31 जुलाई 2020 को महिला थाने में आकर शिकायत दी कि उसके पहले पति की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद उसने हिसार निवासी व्यक्ति के साथ अंतरजातीय विवाह कर लिया। कुछ माह पहले उसका पति कहीं चला गया था। दो महीने बाद वह उसके पास आ गया। 29 जुलाई 2020 को वह सुबह काम पर चली गई। शाम को वापस आई तो उसकी 20 वर्षीय दिव्यांग बेटी रो रही थी। उसने बेटी को चुप करा कर पूछा तो उसने बताया कि पिता संदीप ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। इसके बाद महिला थाना पुलिस महिला अधिवक्ता समक्ष पीड़िता का बयान दर्ज करवाकर उसकी मेडिकल जांच करवाई। पुलिस ने संदीप के खिलाफ केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। सोमवार को इस मामले का निपटारा करते हुए एडीजे प्रवीण कुमार ने सौतेले पिता को उम्र कैद की सजा सुना दी।
इन धाराओं में मिली इतनी सजा
धारा 376 उम्रकैद 6 हजार जुर्माना
धारा 323 एक साल एक हजार जुर्माना
धारा 506 तीन साल 9 हजार जुर्माना
एससी, एसटी एक्ट तीन साल 10 हजार जुर्माना