सिरसा। शहर में विभिन्न योजनाओं के तहत पाइप लाइन डालने के लिए बीते दो वर्षों से खोदाई कार्य किया जा रहा है। लेकिन इन कार्य में विभागों का आपस में तालमेल दिखाई नहीं दे रहा। एक विभाग पहले खोदाई कर पाइप लाइन डाल रहा है, तो दूसरा विभाग नई योजना के तहत दोबारा से नई पाइप लाइन डालने के लिए काम शुरू करने की तैयारी में है।
हिसार रोड पर नगर परिषद की ओर से अमृत योजना के तहत बीते दो वर्षों से कार्य किया जा रहा है। रोड की खोदाई कर बड़ी पाइप लाइन डाली गई है और उसके बाद मिट्टी डाल मरम्मत कर दी गई। ऐसे में अब जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से उसी जगह पर दोबारा से खोदाई कर सीवरेज लाइन डालने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए विभाग नेे रोड के साथ पत्थर की पाइपें भी रखवा दी गई है।
शहर के हिसार रोड पर नहर कॉलोनी से लेकर महाराणा प्रताप चौक तक करीब 30 वर्ष पहले चार इंची पाइप लाइन डाली गई थी। इसकी स्थिति खराब होने व जर्जर होने के कारण अब जन स्वास्थ्य विभाग ने 50 लाख रुपये के बजट से नई सीवरेज लाइन डालने का कार्य शुरू करेगा। इसके तहत नहर कॉलोनी से लेकर महाराणा प्रताप चौक तक आठ इंची सीवरेज लाइन डाली जानी है। यहां सवाल उठता है कि दो माह पहले ही जिस रोड को उखाड़ा गया था, उसी समय सीवरेज लाइन डाली जा सकती थी। विभागों में आपसी तालमेल न होने के चलते अब लोगों को फिर से परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
विभागों का तालमेल न होने के पहले भी आ चुके हैं मामले
विभागों में आपसी तालमेल न होने के मामले पहले भी कई बार सामने आ चुके हैं। इससे पहले दिल्ली पुल से लेकर हिसार रोड स्थित बाईपास ओवरब्रिज तक पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की तरफ से रोड चौड़ी की गई, लेकिन इसके कुछ दिन बाद ही अमृत योजना के तहत उस रोड की पाइप डालने के लिए खोदाई कर डाली। इससे कई माह तक वाहन चालकों को इस परेशानी का सामना करना पड़ा।
डबवाली रोड पर कई स्थानों से पाइप लाइन में हुई लीकेज
डबवाली रोड पर भी शहर से बारिश के पानी निकालने के लिए पाइप लाइन डालने का कार्य किया जा रहा है। अभी तक काम पूरा ही नहीं हो पाया की पाइप लाइन में कई जगह से लीकेज हो गई। इसके बाद डबवाली रोड स्थित बाईपास मोड़ से फिर से खोदाई कर पाइप लाइन की मरम्मत करने का काम शुरू किया गया है। मरम्मत कार्य के लिए यहां जेसीबी लगाकर काफी दूरी तक खोदाई की गई है। इसके कारण रोड को वन वे किया गया है।
वर्जन
हिसार रोड पर नहर कॉलोनी से महाराणा प्रताप चौक तक नई सीवरेज लाइन डाली जानी है। इसके लिए खोदाई कार्य किया जाएगा। पहले प्लान तैयार न हो पाने के कारण लाइन डालने का काम अटक गया था। अब प्लान तैयार हुआ है। पुरानी खोदी गई जगह पर ही पाइप लाइन डाली जाएगी। करीब 50 लाख रुपये की लागत से पाइप लाइन डाली जानी है।
-रोहताश कुमार, जेई, जन स्वास्थ्य विभाग।