संवाद न्यूज एजेंसी
कालांवाली। कालांवाली से 4 किलोमीटर दूर स्थित गांव तारूआना में चुनावी चर्चा जोरों पर हैं। गांव की चौपाल में ग्रामीण प्रत्याशियों पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं। कोई पार्टियों पर चर्चा कर रहा है, तो कोई खुलकर गांव के मुख्य मुद्दों व समस्याओं को लेकर राय रख रहा है।
गांव के लोगों का कहना है कि हुण वोटा विच जेड़ा भी बंदा, ओहना दे पिंड दीयां दिक्कतां नू दूर करवाउगा, औस नू ही वोट पावागैं। बाकी पिछली सरकारां दीयां गल्लां करिए तां, जेडा मोह साडे पिंड नाल चौटाला परिवार दा सी, ओह किसे वी परिवार दा नी। चाहे दुजियां सरकारां ने किनै कम्म क्यों ना करवाए हौण।
चौपाल में बैठे युवा गुरशरण सिंह ने बताया कि गांव में नशा सबसे प्रमुख मुद्दा है। गांव में सरेआम नशा बिकता है। नशे से युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। गांव के बुजुर्ग महेंद्र सिंह ने कहा कि नशे नू लै के सरकारां अते प्रशासन कल्लीयां गल्ला करदे नै, कम्म तां कुछ करदे नी।
गांव के सुखदेव सिंह ने कहा कि गांव में सरकार ने राजकीय काॅलेज तो खोल दिया, लेकिन स्टाफ अभी भी पूरा नहीं किया है। इस कारण बच्चाें का भविष्य खतरे में है। गुरदेव सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत उपमंडल बनाने के लिए सरकार को पंचायती भूमि भी देने की पेशकश कर रखी है। गांव में उपमंडल कार्यालय बनाने के लिए कई बार सीएम से भी मिल आए हैं, लेकिन सरकार इस पर कोई काम नहीं कर रही। यदि गांव की पंचायती जगह पर उपमंडल कार्यालय खुलता है, तो राजकीय काॅलेज भी पूरा सफल हो जाएगा। पढ़ाई कर रही लड़कियों को बेहतर सुरक्षा भी मिलेगी।
ये हैं गांव की प्रमुख समस्याएं
गांव के नंबरदार गुरदेव सिंह तारूआना ने बताया कि उनके गांव में ज्यादातर गलियां कच्ची हैं। जिन गलियों का निर्माण करवाया गया है, वह भी सही तरीके से नहीं हुआ है। गांव में किसान आंदोलन का भी काफी प्रभाव है। किसानों की फसल एमएसपी पर बिके, बर्बाद फसलों का मुआवजा तुरंत मिले, किसानों को अच्छे बीज व खाद मुहैया करवाई जाए और डीएपी पर हो रही लूट को बंद किया जाए।
गांव में कुल 1671 मतदाता
गांव की कुल आबादी करीब 3 हजार है। गांव में कुल 1671 मतदाता है। इसमें 874 पुरुष और 797 महिला मतदाता है। पिछले विधानसभा चुनाव में इस गांव से राजेंद्र सिंह देसूजोधा ने लीड हासिल की थी। इस बार कांग्रेस, भाजपा और इनेलो में त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना है।