संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। किसान आंदोलन के चलते हाईवे पर नाके लगाकर बंद किया हुआ है। सरकारी के साथ प्राइवेट बसें भी लोकल रूटों पर सवारियों को गंतव्य तक पहुंचा रही है। इन दिनों को बुजुर्गों को बीच रास्ते में उतारने की शिकायतें रोडवेज महाप्रबंधक को मिल रही हैं। एक सप्ताह में कई सवारियों ने निजी बस चालकों व परिचालकों की शिकायत जीएम को दी। जीएम ने सभी मामले की लिखित शिकायत आरटीओ को भेज दी है, ताकि निजी बसों पर कार्रवाई की जा सके।
मंगलवार को भी गांव नाईवाला के बुजुर्ग कृष्ण कुमार ने जीएम को शिकायत देते हुए कहा कि वह निजी बस में रानियां से सिरसा आ रहा था। बस कुछ दूरी पर ही पहुंची तो परिचालक ने यात्री से किराया मांगा तो उसने वरिष्ठ नागरिकता प्रमाण पत्र दिखा दिया। इससे परिचालक संतुष्ट नहीं हुआ और उसने उसको बीच रास्ते पर उतार दिया और बेइज्जत की। इसके बाद कृष्ण कुमार रोडवेज के एसआई सीता सिंह व भजन लाल के पास पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में जीएम और आरटीओ ही कार्रवाई कर सकते हैं। इसके बाद कृष्ण ने लिखित में जीएम को शिकायत दी है।
रोडवेज के पास पहले भी आ चुकी शिकायत
वरिष्ठ नागरिकता पहचान पत्र, छात्र पहचान पत्र से जुड़े मामले की शिकायत रोडवेज के पास एक सप्ताह से आ रही है। हालांकि रोडवेज प्रबंधन इस मामले में निजी बस के चालक व परिचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है। आरटीओ को इस मामले में कार्रवाई का अधिकार दिया है।
निजी बस चालकों व परिचालकों के द्वारा बुजुर्गों के साथ गलत व्यवहार करने की कई शिकायतें मिल चुकी है। रोडवेज प्रबंधन को इन पर कार्रवाई का अधिकार नहीं है। इसको लेकर आरटीओ को पत्र लिखा जा चुका हे। यात्रियों को यदि कोई परेशानी होती है तो वह जरूर बताएं। इस मामले में कार्रवाई जरूर करवाई जाएगी। - शेर सिंह, महाप्रबंधक रोडवेज