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सिखों पर दर्ज केस सोमवार तक वापस नहीं लिए तो एसपी कार्यालय का होगा घेराव : खुराना

Wed, 11 Sep 2024 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा में पत्रकारवार्ता करते  हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व सदस्य। संवाद
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व सदस्यों ने गुरुद्वारा श्री दसवीं पातशाही में की बैठक
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फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व सदस्यों की बैठक मंगलवार को गुरुद्वारा श्री दसवीं पातशाही में हुई। बैठक में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के विरोध में सरकार के खिलाफ आवाज उठाने पर 14 सिखों पर दर्ज किए गए केस वापस लेने की मांग सहित अन्य कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान सदस्यों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर सोमवार तक दर्ज केस वापस नहीं लिए गए तो सिरसा के पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
लीगल सेल के एडवोकेट चनदीप सिंह खुराना, बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला, अमरिंद्र सिंह, हरपाल सिंह पाली व जसबीर सिंह भाटी ने कहा कि बैठक मेंं प्रस्ताव पास करते हुए प्रशासन व सरकार से मांग जताई गई कि 14 सिखों पर दर्ज केस वापस लिए जाए। हरियाणा कमेटी के जनरल चुनाव करवाने से पहले फिर से वार्डबंदी की जाए। घर-घर जाकर सिख समुदाय के वोट बनवाए जाए। गुरुद्वारा चुनाव आयोग की तरह गुरुद्वारा जुडीशियल कमिशन बनाया जाए, ताकि गुरुद्वारों की जायदाद व कामकाज में हो रही धांधली के खिलाफ सिख संगत अपनी बात रख सके। इस मौके पर हरप्रीत सिंह नरुला, सुखमीत सिंह शाहबाद, विनर सिंह अंबाला, जसपाल सिंह चीका, सतपाल सिंह पिहोवा, नैरवल सिंह आंटा, सुख सागर सिंह हिसार, जगमीत सिंह अंबाला आदि मौजूद थे।
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धर्म प्रचार के नाम पर हो रही लूट : खुराना
लीगल सेल के एडवोकेट चनदीप सिंह खुराना ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद कांग्रेस सरकार द्वारा पूर्ण रूप से कानून बनाकर हरियाणा में सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया गया था। इसके खिलाफ एसजीपीसी पंजाब ने सर्वोच्च न्यायालय में दस्तक दी तो 8 साल और संघर्ष करना पड़ा। लगातार मजबूत पैरवी कर हरियाणा के सिखों को जीत दिलवाई। 20 सितंबर 2022 को प्रदेश के सिखों के हक में फैसला हुआ। उस वक्त भाजपा सरकार ने 2014 के कानून में संशोधन करते हुए हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को भंग कर दिया और महंत कर्मजीत सिंह की प्रधानगी में एक नई कमेटी बना दी। यह कमेटी 8 माह तक नहीं चली। प्रधान सहित अन्य कार्यकारिणी में बड़ा बदलाव करना पड़ा। इसके बाद नायब सैनी सरकार आई तो उन्होंने कमेटी को भंग करते हुए फिर नई कमेटी बना दी। पूर्व सदस्यों ने आरोप लगाते हुए कहा कि धर्म प्रचार के नाम पर गोलक को लूटा जा रहा है। प्रदेश में ऐसे अनेक गुरुद्वारे हैं, जहां ये काम हुआ।
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