सिरसा। जिले में आलू की मांग साथ लगते प्रदेश राजस्थान के कई क्षेत्रों में बढ़ रही है। ऐसे में बंपर उत्पादन के बाद स्थानीय किसान इस आलू कोल्ड स्टोरेज में स्टोर कर लेते हैं। बाद में मांग होने पर इसे संबंधित जगहों पर भेजा जाता है। ऐसे में बागवानी विभाग की तरफ से भी यहां पर कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए किसानों को अनुदान दिया जा रहा है।
बता दें कि सिरसा जिले में पैदा होने वाले आलू की मांग राजस्थान के कई जिलों में है। मौजूदा समय में यहां करीब 150 हेक्टेयर में आलू की फसल की बिजाई की जाती है। वहीं आलू की पैदावार को देखते हुए यहां बागवानी विभाग की ओर से 5 कोल्ड स्टोर अनुदान के तौर पर पात्र लोगों को अनुमति दे चुका है।
अधिकारियों की माने तो बागवानी के साथ-साथ सिरसा जिले के किसान सब्जी उत्पादन में काफी रूचि दिखा रहे हैं। भावांतर भरपाई योजना में होने वाले आवेदनों में यह साफ देखने को मिलता है। वहीं आलू के रकबे में निरंतर इजाफा हो रहा है। क्योंकि आलू को लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है। वहीं आलू उत्पादन के लिए सिरसा जिले की भूमि, जल व जलवायु अनुकूल मानी जाती है।
मौजूदा में जिले में करीब 150 से 200 हेक्टेयर में आलू बोया जा रहा है। जिससे करीब 30 हजार क्विंटल से अधिक उत्पादन होता है। हरियाणा प्रदेश के साथ-साथ राजस्थान में यहां के आलू की मांग निरंतर बनी रहती है। राजस्थान के नोहर, भादरा, साहवा व अन्य निकटवर्ती क्षेत्र में जिले से आलू का निर्यात किया जाता है। किसानों में आलू उत्पादन का बढ़ते रुझान की वजह से कुछ किसान कोल्ड स्टोरेज की तरफ भी रूचि रखने लगे है। इसलिए यहां भागवानी विभाग की ओर से अब तक 5 कोल्ड स्टोरेज लगाने के लिए किसानों को अनुदान दिया जा चुका है। वहीं कुछ किसानों ने कोल्ड स्टोरेज के लिए आवेदन भी किया हुआ है।
ऐलनाबाद, रानियां व डबवाली क्षेत्र में अधिक बोया जा रहा आलू
यहां के ऐलनाबाद, रानियां, डबवाली व सिरसा क्षेत्र में सबसे अधिक आलू का उत्पादन किया जा रहा है। खासकर घग्गर नदी के करीब वाले कृषि क्षेत्र में आलू अधिक बोया जाता है। क्योंकि यहां किसानों के पास नहरी, नदी व ट्यूबवैल से सिंचाई करने का अधिक विकल्प है। वहीं नदी व काली मिट्टी की वजह से सब्जी उत्पादन में काफी कारगर मानी जाती है।
पुरानी पॉलिसी बन रही बाधा
अधिकारियों की माने तो बागवानी विभाग की स्कीमों की नियमावली वर्ष 2014 के अनुसार ही अभी तक काम कर रही है। जबकि कोल्ड स्टोरेज सिस्टम लगाने में निर्माण खर्च बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार के स्तर पर इसी पॉलिसी को अपग्रेड किए किया जाना चाहिए। ताकि कोल्ड स्टोरेज सिस्टम को बढ़ावा मिल सके।
आलू उत्पादन को लेकर किसानों में बड़े स्तर पर रुझान बढ़ा है। इसी के साथ कोल्ड स्टोरेज की मांग भी बढ़ रही है। यह मुनाफे का बिजनेस है, इसलिए इस ओर व्यापारी व किसानों को झुकाव है। विभाग की ओर से हाल ही में 5 कोल्ड स्टोरेज के लिए अनुदान दिया जा चुका है। वहीं अन्य लोगों की मांग निरंतर बढ़ रही है।
-डॉ. पुष्पेंद्र सिंह राठौर, जिला बागवानी अधिकारी