माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। इस बार जिला प्रशासन के सामने मतदान प्रतिशत बढ़ाने की चुनौती है। पिछले विधानसभा चुनाव में जिले में 68.57 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो 23 साल का सबसे कम रहा। यही नहीं हिसार विधानसभा सीट पर मात्र 53 फीसदी मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है। इसे लेकर जगह-जगह जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। हालांकि यह 5 अक्तूबर को ही पता चलेगा कि प्रशासन के ये प्रयास कहां तक कामयाब होते हैं।
कभी घटा तो कभी बढ़ा मतदान प्रतिशत
अगर पिछले 6 विधानसभा चुनाव में जिले में हुए मतदान प्रतिशत के आंकड़ों पर नजर डालेंगे तो कभी मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई तो कभी इसमें गिरावट आई। वर्ष 1996 के मुकाबले 2000 के चुनाव में मतदान प्रतिशत में मामूली गिरावट दर्ज की गई। हालांकि वर्ष 2005 में लोगों का मतदान को लेकर रुझान बढ़ा, जिससे मतदान प्रतिशत में भी बढ़ोतरी हुई। मगर 2009 के चुनाव में फिर से मतदान प्रतिशत गिरा और 2014 के चुनावी यज्ञ में मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर आहुति डाली, जिसका नतीजा यह आया कि मतदान प्रतिशत 3 प्रतिशत तक बढ़ गया, लेकिन वर्ष 2019 में मतदान प्रतिशत के आंकड़ों में काफी गिरावट आई।
हिसार विधानसभा सीट का रहा सबसे खराब रिकॉर्ड
अगर जिले की सातों विधानसभा सीटों पर पिछले दो चुनावों में हुए मतदान प्रतिशत के आंकड़ों को देखें तो पता चलेगा कि दोनों दफा हिसार विधानसभा सीट का रिकॉर्ड सबसे खराब रहा है। मतलब शहर के मतदाता मतदान को लेकर ज्यादा जागरूक नहीं हैं। वर्ष 2014 के चुनाव में शहर के 69.9 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जबकि वर्ष 2019 में मात्र 53.80 प्रतिशत मतदाताओं ने ही मतदान में रुचि दिखाई।
पिछले 6 विधानसभा चुनाव में मतदान
वर्ष-मतदान प्रतिशत
1996-74.31
2000-74.19
2005-76.32
2009-75.42
2014-77.80
2019-68.57
वर्ष 2014 व 2019 में मतदान का विवरण
हलका- 2014 - 2019
आदमपुर-78.1 -73.70
उकलाना-78.4 -71.38
नारनौंद-82.8 -77.75
हांसी-77.8 -65.80
बरवाला-79.5 -72.42
हिसार-69.9 -53.80
नलवा-77.1 -63.03