सिरसा। श्री गोशाला में गोवंश गोशाला सेवा संघ की वार्षिक बैठक जिला अध्यक्ष योगेश बिश्नोई की अध्यक्षता में मंगलवार को संपन्न हुई। इसमें गोशालाओं में संचालन में आ रही कठिनाइयों के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। बैठक में सभी ने सर्वसम्मति से मांग रखी कि सरकार गोशालाओं को 50 रुपये प्रति गोवंश प्रतिदिन चारे कि लिए अनुदान दे।
इसको लेकर दो दिन बाद विधायक गोपाल कांडा को गोशाला सेवा संघ की ओर से मुख्यमंत्री के नाम पर मांगपत्र सौंपा जाएगा। बैठक में जिले के 130 गोशाला संचालकों ने भाग लिया। बता दें कि गोशाला संचालकों की ओर से लंबे समय से मांग की जा रही है कि प्रति पशु 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से सरकार उन्हें अनुदान दे। सरकार उन्हें इतना पैसा देती है तो गोशालाओं को बेसहारा पशुओं को लेने में कोई परेशानी नहीं है। मौजूदा समय में 35 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन के हिसाब से सरकार दे रही है, जो नाकाफी है। सूखे चारे की निरंतर बढ़ रही कीमत के कारण गोशाला संचालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गोशाला संचालकों ने कहा कि पूर्व में प्रदेश सरकार की ओर से गोशाला संचालकों को 50 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन अनुदान जारी करने का आदेश जारी किए गए थे, लेकिन अभी तक इन आदेशों पर अमल नहीं किया गया है।
यह है जिले की स्थिति
मौजूदा समय में जिले में आठ से 10 हजार के करीब बेसहारा पशु अलग-अलग हलकों में खुले में घूम रहे हैं। सिरसा शहर में अभी भी ढाई से तीन हजार के करीब बेसहारा पशु घूम रहे हैं। वहीं कालांवाली, डबवाली, रानियां, ऐलनाबाद क्षेत्रों में बेसहारा पशु सड़कों पर देखने को मिलते हैं। हालांकि जिले में गोशालाओं की संख्या 300 के आसपास है।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में गोवंश गोशाला सेवा संघ हरियाणा के प्रदेश उपाध्यक्ष ओम ज्यानी, सचिव अजीत सिहाग, डबवाली खंड के प्रधान अमीलाल पारीक, ओढ़ां खंड के प्रधान पलविंदर चहल, सिरसा खंड के प्रधान सत्यनारायण कुलड़िया, रानियां खंड के प्रधान रमेश बैनीवाल, ऐलनाबाद खंड के प्रधान ओम सिहाग, चोपटा खंड के प्रधान ओम बैनीवाल, बड़ागुढ़ा खंड के प्रधान धर्मपाल ढाका, श्री गोशाला सिरसा के महासचिव प्रेम कुमार कंदोई, प्रधान राजेंद्र कुमार रातूसरिया मौजूद रहे।