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सरकारी स्कूल की छात्राओं ने प्लास्टिक कचरे को बनाया उपयोगी, बोतलों में भर तैयार किया स्टूल

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शोध रिपोर्ट तैयार करतीं छात्राएं। संवाद - फोटो : Sirsa
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सिरसा। कुछ करने की इच्छा हो तो समस्या कोई भी हो, मायने नहीं रखती। यही कर दिखाया है गांव फिरोजाबाद के राजकीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने। स्कूल के विद्यार्थियों ने प्लास्टिक कचरे को लेकर न केवल शोध किया, बल्कि सर्वे करके रिपोर्ट तैयार की। विद्यार्थियों ने प्लास्टिक को खाली बोतलों में भरा, फिर उसका स्टूल तैयार कर दिया।
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स्कूल के विज्ञान अध्यापक सूर्या शर्मा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने शोध करने की योजना बनाई। मास्टर सूर्या शर्मा ने कहा कि लोग दैनिक जीवन में तरह-तरह की खाने की वस्तुएं खरीदते हैं और उनके खाने के रैपर, प्लास्टिक की थैलियां, खाली बोतलें कचरे में फेंक देते हैं। इनसे सीवर और नालियां जाम हो जाती हैं। प्लास्टिक आज बहुत बड़ी समस्या है। इसलिए विद्यार्थियों ने प्लास्टिक को उपयोग बनाने की। आठवीं की छात्रा पूजा और राखी ने शोध कार्य करने का प्लान बनाया। इसका विषय पुन: प्रयोग व सही निपटान, प्लास्टिक कचरे का समाधान रहा। शोध के तहत विद्यार्थियों ने गांव फिरोजाबाद, ढाणी संता सिंह और धमोरा खेड़ी के 54 घरों का सर्वे किया। इस दौरान ग्रामीणों से कई प्रश्न पूछे। इन प्रश्नों में पूछा गया कि घर से जो कचरा निकलता है, उसका आप निपटान कैसे करते हैं? एक दिन में कितने प्लास्टिक के पैकेट निकलते हैं। महीने में आप कितनी प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल करते हैं। क्या प्लास्टिक की बोतलों का दोबारा प्रयोग किया जा सकता है। इस दौरान सर्वे से खुलासा हुआ कि एक घर से औसतन 5.46 पैकेट निकलते है। इससे पता चला है कि एक वर्ष में जिले में करीब 1007.49 टन प्लास्टिक कचरा निकलता है। प्लास्टिक की बोतलों की बात करें तो एक वर्ष में 932 टन कचरा केवल खाली प्लास्टिक की बोतलों का ही निकल जाता है।
ऐसे बनाया उपयोगी
विद्यार्थियों ने प्लास्टिक और खाली बोतलों को उपयोगी बनाने का सुझाया। साथ ही लोगों को इस बारे में जागरूक किया। विज्ञान अध्यापक सूर्या शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों ने सभी प्लास्टिक कचरे को खाली बोतलों में भरा। इन बोतलों से स्टूल तैयार कर दिया। इसी दौरान गांव में रैली निकालकर लोगों को जागरूक भी किया। ग्रामीणों को प्लास्टिक कचरे के निपटान भी बताया। इस दौरान स्कूल के मुख्य अध्यापक कृष्ण लाल सहित अन्य अध्यापक भी मौजूद रहे।
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जिले विजेता रहा है शोध रिपोर्ट का मॉडल : सूर्या शर्मा
शोध रिपोर्ट पर आधारित मॉडल जिला स्तरीय प्रदर्शनी में विजेता आ चुुुका है। अब शिक्षा विभाग फैसला करेगा कि इसे कहां भेजा जाएगा। - सूर्या शर्मा, विज्ञान अध्यापक।

छात्राओं द्वारा तैयार किया गया स्टूल। संवाद- फोटो : Sirsa

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