ओढां। प्रदेश की गोशालाओं के लिए राहत भरी खबर है। गोशाला आयोग व संघ की मांग पर सरकार ने पूर्व में दिए गए अपने आदेशों में संशोधन किया है। सरकार के इस निर्णय का आयोग व संघ ने स्वागत करते हुए कहा कि इससे गोवंश को चारे के रूप में काफी लाभ मिलेगा। सरकार ने पत्र जारी कर पंचायतों को निर्देश दिए हैं। गौरतलब हो कि सरकार द्वारा ये प्रावधान दिया गया था कि जिन गांवों मेें गोशाला है, वहां 5100 रुपये व जहां गोशाला नहीं है। वहां की पंचायतें नजदीकी गोशाला को 7100 रुपये की दर से पंचायती भूमि प्रतिवर्ष के लिए पट्टे पर देंगी। लेकिन गोशाला आयोग व गोशाला संघ ने इस निर्णय को उचित न मानकर मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपते हुए गोचर भूमि गोशालाओं को चारे के लिए निशुल्क दिए जाने की मांग की थी। आयोग की मांग पर सरकार ने अपने पूर्व के निर्देशों में संशोधन किया है। पंचायत विभाग के प्रधान सचिव ने सरकार की तरफ से पत्र जारी कर कहा है कि सभी पंचायतें अपनी गोशालाओं या नजदीकी गोशालाओं को भूमि उपलब्ध करवाएं। पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि पंचायतें एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रतिवर्ष के लिए गोशाला को चारे के लिए भूमि पटे पर दें। सरकार के इन निर्देशों का गोशाला आयोग व गोशाला संघ ने स्वागत किया है। हरियाणा गोशाला संघ के सचिव अजीत सिहाग ने सरकार के इन निर्देशों की सराहना करते हुए कहा कि इससे गोशालाओं को न केवल काफी लाभ मिलेगा अपितु वे कुछ हद तक आर्थिक रूप से भी मजबूत हो सकेंगी। सचिव ने कहा कि प्रदेश मेें 80 प्रतिशत गोशालाओं के पास चारे के लिए भूमि नहीं है। ऐसे में सरकार के इस निर्णय से गोशालाओं को फायदा मिलेगा। सिहाग ने सरकार से एक और मांग करते हुए दावा किया कि अगर सरकार दिल्ली व राजस्थान की तर्ज पर गो-खुराक भत्ता हरियाणा में भी लागू कर दे तो कोई भी गोवंश लावारिस अवस्था में सड़कों पर नजर नहीं आएगा।