संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा/रानियां। पंजाब के झंडा खुर्द के पास घग्गर का तटबंध टूटने के बाद सिरसा के मुसाहिबवाला और बुर्जकर्मगढ़ की ढाणियों में पानी भर गया है। इन गांवों को जिला मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है। दोनों गांवों की करीब 40 ढाणियों से सामान को किश्ती के माध्यम से बाहर निकाला जा रहा है। वहीं, मुसाहिबवाला के पास सिरसा से सरदूलगढ़ जाने वाले नेशनल हाईवे की पुलिया बैठ गई है। यहां से अब बाहरी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। रानियां में छोटा तटबंध तोड़ने को लेकर दो गांवों में ईंट-पत्थर भी चल गए।
जिले के 20 गांवों में स्थिति ज्यादा खराब हो चुकी है। यहां पर घग्गर नदी का पानी कभी भी घुस सकता है। पंजाब के झंडा में घग्गर का तटबंध टूटने के बाद मुसाहिबवाला के क्षेत्र में पानी तेजी से बढ़ रहा है। मुसाहिबवाला से रंगा रोड तक पानी पहुंच चुका है। सिरसा से सरदूलगढ़ जाने वाले हाईवे की पुलिया बैठ गई है। वाहन चालकों को ग्रामीण क्षेत्रों से होकर सरदूलगढ़ और चंडीगढ़ की तरफ जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
इसके अलावा ओटू से रानियां व ऐलनाबाद के गांवों में छोटा तटबंध टूटने के बाद घग्गर का पानी बड़े तटबंध के साथ लग गया है। रानियां के मोर सिंह थेहड़ी व गिदड़ावाली के पास घग्गर के तटबंधों में दबी पाइप लाइन के कारण दरार आ गई। जिसे मिट्टी डालकर किसानों ने भर दिया। गांव में मुनादी होने के बाद लोग भी सतर्क हो गए है और नीचे क्षेत्र के मकान से सामान भी निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहे हैं।
दो पक्षों में चली ईटें, दो लोग घायल
ढाणी संता सिंह वाली के समीप किसानों ने धान की फसल को बचाने के लिए घग्गर के अंदर छोटा बांध बनाया हुआ था। जीवननगर, नकौड़ा, बणी सहित अन्य गांव वासियों ने इसका विरोध किया तो उनके बीच में तू-तूं मैं-मैं हो गई। एक पक्ष ने दूसरे पर ईटें बरसा दीं। झगड़े में दो लोगों को चोटें भी आई है। झगड़े की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने इनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।
बणी नंबर 2, 3 व 4 हुई खाली
रानियां के गांव बणी के निचले इलाकों से परिवार घरों को ताला लगाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच रहे हैं। बणी नंबर 2, 3 व 4 खाली हो गई है। चंडीगढ़ मोहल्ला से दर्जनों परिवार अपना सामान ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर अन्य स्थान पर जा रहे हैं। लोगों ने बताया कि उन्हें प्रशासन के अधिकारियों पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। गांव करीवाला में बड़ी संख्या में किसान जगह-जगह तटबंध पर ठीकरी लगाकर बैठे हैं। किसानों ने बताया कि सोमवार को पानी कम होने के बजाय एक से डेढ़ फुट तक बढ़ा है।
दो हजार क्यूसेक पानी राज कनाल में डाला
बणी साइफन से पानी राज कनाल नहर में डाला जा रहा है। सोमवार दोपहर तक दो हजार क्यूयेक पानी राज कनाल में डाला जा चुका था। हरियाणा-राजस्थान सीमा पर बने राज कनाल के लोहे के चार गेट खोले गए हैं।
10 हजार एकड़ फसल का नुकसान
पंजाब बॉर्डर से लेकर अब राजस्थान बॉर्डर तक 150 किलोमीटर के दायरे में घग्गर के साथ लगते 49 गांव खतरे में हैं। गांवों के तटबंधों की निगरानी करने के लिए किसान दिनरात यहां पर पहरा दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों पर तटबंध पर लाइटिंग की कोई इंतजाम नहीं करवाया है। वे बिजली के तार व बल्ब स्वयं लेकर आए हैं।
घग्गर में पानी की स्थिति
गुहलाचीका, 50000
खनौरी, 14425
चांदपुरा, 22050
सरदूलगढ़, 52780
ओटू हेड, 30975
राजस्थान साइफन, 26975
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वर्जन
घग्गर नदी में बढ़े जलस्तर से अभी आबादी वाले क्षेत्र सुरक्षित हैं और साथ लगती ढाणियों को खाली करवाया गया है। नदी का जलस्तर कुछ कम हुआ है। जिला प्रशासन ग्रामीणों के सहयोग से तटबंधों की मजबूती के लिए निरंतर कार्य कर रहा है और 24 घंटे तटबंधों की निगरानी की जा रही है। जहां पर लीकेज की सूचना मिलती है, वहां पर तुरंत कार्यवाही करते हुए उसे बंद किया जा रहा है। - पार्थ गुप्ता, उपायुक्त, सिरसा ।
मुसाहिबवाला की ढाणियों से सामान निकालते हुए डेरा श्रद्धालु । संवाद