सिरसा। शहर में डोर टू डोर कचरा नियमित रूप से नहीं उठने से आमजन परेशान हैं। शहर की सफाई व्यवस्था भी दिन-प्रतिदिन बिगड़ रही है। परिषद के डंपिंग प्वाइंटों पर पांच से सात फुट तक कचरा भर गया है। वहीं दूसरी ओर कचरा निस्तारण प्लांट में पूर्व ठेकेदार की मशीनरी को चलाने का प्रयास किया गया। लेकिन पहले ही दिन 20 मिनट भी मशीन नहीं चल पाई और खराब हो गई। जबकि नए ठेकेदार ने अभी तक अपना प्रोजेक्ट लगाने का काम भी शुरू नहीं किया है। ऐसे में शहर के आगामी दिनों में राहत मिलेगी या नहीं। मौजूदा हालातों में कहना मुश्किल है। क्योंकि जब तक प्लांट शुरू नहीं होगा। ग्रामीण नगर परिषद की सफाई शाखा को प्लांट में कचार नहीं डालने देंगे।
पूर्व ठेकेदार गांव नटार के खेतों में डाल रहा कचरा
हैरानी की बात है कि पूर्व ठेकेदार को कचरे का निस्तारण करना था। उसने कचरे का निस्तारण नहीं किया और नोटिस देकर विभाग ने खानापूर्ति कर दी है। धरने पर बैठे ग्रामीणों ने बताया कि पुरानी एजेंसी का ठेकेदार गांव नटार की कृषि योग्य भूमि में कचरा डाल रहा है। इस जमीन के मालिक ने नियमों को ताक पर रखकर अपने खेत की 15 फुट तक मिट्टी उठवा दी। ऐसे में ठेकेदार उस जमीन पर कचरा डालकर उसे भरने में लगा हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि हमें समझ नहीं आ रहा है कि प्रशासन एजेंसी के खिलाफ ठोस कदम क्यों नहीं उठा रहा है। जबकि खुले में कूड़ा डालने पर कार्रवाई होनी चाहिए।
साढ़े तीन फुट से नीचे की जमीन होती है सरकारी
सरकार के नियमों के अनुसार भट्ठों के लिए खुदाई के नियम बनाए गए है। इन नियमों के तहत कोई कृषि मालिक साढ़े तीन फीट से नीचे की मिट्ठी को नहीं उठावा सकता है। उसे विशेष प्रशासनिक अनुमति लेनी पड़ती है। इस मामले में पूर्व में कुछ जमीन मालिकों पर कार्रवाई भी प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से की गई थी। हैरानी की बात है कि निगम का एजेंसी संचालक इस जमीन को कचरे से भरने में लगा हुआ है। यदि जमीन पर कचरा भरकर उसपर मिट्टी डाली जाती है तो बारिश व सिंचाई के कारण आस पास की जमीन बंजर होने की नौबत आ जाएगी। अब देखना यह है कि इस मामले में जिला प्रशासन व नगर परिषद प्रशासन क्या कदम उठाता है।
सफाई कर्मचारियों ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने उपायुक्त के नाम अपना ज्ञापन दिया। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा किया जाए। कर्मचारियों ने 4298 सफाई कर्मचारियों को पक्का करना। 68 सीवर कर्मचारियों को पक्का करना। डोर टू डोर के कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन देने व ईपीएफ, ईएसआई लागू करने। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर लगे मुकदमों को वापस लेना आदि मांगें रखीं।
बीते दिन यह दिया था अधिकारियों ने आश्वासन
गांव बकरियांवाली में धरने पर बैठे लोगों से वीरवार को जिला नगर आयुक्त ने बैठक की थी। बैठक में उन्होंने आश्वासन दिया था कि पुरानी एजेंसी की मशीनरी को शुरू कर नई एजेंसी कचरा निस्तारण करेंगी। दो तीनों में एजेंसी अपना नया प्लांट लगा देगी। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक काम सही तरह से उनकी मांगों के अनुसार शुरू नहीं होता है, उनका धरना जारी रहेगा।
कचरा प्लांट में व्यवस्था बनाई जा रही है। एक प्लांट शुरू कर दिया है। मशीन खराब होने संबंधी अभी कोई भी सूचना नहीं आई है। दूसरा प्लांट लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा ।
-संदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सिरसा।