संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। रात के समय पाला जमने से सुबह और शाम के समय ठिठुरन बरकरार है। जिले में दूसरे दिन भी खेतों में भूसा, घास और फसलों के पत्तों पर पाला जमा हुआ दिखाई दिया। इस कारण अब किसानों की चिंता पहले से काफी अधिक बढ़ गई है। पाला जमने से अब फसलों को काफी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। पाला जमने से न्यूनतम तापमान भी अब 1.5 डिग्री तक पहुंच गया है।
जिले में अब लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। धुंध कम होने से अब सुबह से ही सूर्यदेव के दर्शन हो रहे हैं। लेकिन पाला जमने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जिले में बीते दिन रविवार को अधिकतम तापमान 18 व न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री दर्ज किया गया था। जोकि सोमवार को गिरकर न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री दर्ज किया गया। रात व अलसुबह ठंड अधिक होने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जबकि दोपहर बाद धूप से लोगों को ठंड से कुछ राहत भी मिल रही है। पाला जमने के कारण किसानों की चिंता पहले से बढ़ गई है। आलू, मटर, गोभी सहित अन्य फसलों पर इसका काफी प्रभाव पड़ रहा है। पाले के कारण फसलों के पत्ते भी अब गिरने शुरू होंगे। जिसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा। वहीं गेहूं, सरसों, चना सहित अन्य फसलों को भी इस कारण नुकसान उठाना पड़ेगा। मौसम विशेषज्ञ अनुसार दो दिनों तक इस तरह से पाला जमने की समस्या बनी रहेगी और इसके पश्चात बारिश होने की संभावना है। जिससे फसलों को काफी लाभ मिलेगा।
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सुबह के समय सफेद दिखाई दे रही है घास व फसलों के पत्ते
मौसम में बदलाव होने के कारण अब सुबह के समय घास, भूसा सहित अन्य फसलों के पत्तों पर पाले की सफेद चादर देखने को मिल रही है। किसान अभी फसल को बचाने के लिए उस पर पराली, धुआं सहित अन्य उपाय करते हुए भी नजर आ रहे हैं। इस कारण उन्हें काफी परेशानी भी उठानी पड़ रही है। न्यूनतम तापमान अब तक जिले का सबसे कम दर्ज किया जा रहा है।