संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पीएनबी बैंक में आढ़ती की जेब से साढ़े सात लाख रुपये के आभूषण चोरी की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने महिला चोर गिरोह की चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये गिरोह बीते आठ वर्षों से कई राज्यों में चोरी की वारदात को अंजाम दे चुका है। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह में एक ही परिवार के सदस्य हैं। इसमें दो सगी बहने, एक सास और एक मौसी की लड़की है।
शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमित बैनीवाल तथा सीआईए प्रभारी इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने बताया कि महिलाओं की पहचान रामकली, अनीता, ललिता निवासी गांव कड़ियां तथा ललता निवासी गुलखेड़ी जिला राजगढ़ मध्यप्रदेश के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि 24 फरवरी को शहर के डबवाली रोड स्थित पीएनबी बैंक में एफ ब्लॉक निवासी कृष्ण लाल जब लॉकर से जेवरात निकलवा कर वापस चला तो उपरोक्त महिलाओं ने उसकी जेब से करीब साढ़े सात लाख रुपये के आभूषण चुरा लिए और फरार हो गई। उन्होंने बताया कि जेब तराश करने वाला यह एक अंतरराज्यीय चोर गिरोह है। महिलाओं ने पूछताछ में सिरसा के अलावा हिसार, फतेहाबाद, अलवर तथा दिल्ली आदि क्षेत्रों में भी जेब तराशी तथा चोरी की 12 वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। बता दें कि चोर गिरोह की मुखिया ललिता है। ललिता ने अपनी सास ललता, बहन अनीता और मौसी की लड़की रामकली के साथ मिलकर करीब आठ वर्ष पहले गिरोह बनाया था।
इस तरह से चोरी की वारदात को अंजाम देती थी महिलाएं
शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमित बैनीवाल तथा सीआईए प्रभारी इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि उक्त महिलाएं अकसर बैंक, बस स्टैंड तथा रेलवे स्टेशन पर घूमती रहती हैं और मौका पाकर जेब तराशी व चोरी को अंजाम देती है। इसके बाद वहां से गायब हो जाती है। जांच के दौरान यह भी सामने आए हैं कि गिरोह में चार-पांच महिलाएं शामिल होती हैं। जिनमें से दो-तीन महिलाएं रेकी करती है। एक या दो महिलाएं जानबूझकर उक्त व्यक्ति को या तो धक्का मारती है अथवा उससे टकराने का प्रयास करती है।