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स्थापना दिवस : 47 साल का हुआ म्हारा सिरसा

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शहर के मुख्य ओवरब्रिज का दृश्य। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। बधाई हो, म्हारा सिरसा आज 47 साल का हो गया है। एक सितंबर 1975 को जिला के रूप में स्थापित होने के बाद सिरसा ने कई बड़े उतार चढ़ाव देखे हैं। सिरसा ने ना केवल विकास की ऊंचाईयों को छुआ है, बल्कि राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान कायम की है। बात खेल की हो या बॉलीवुड की, या फिर हॉलीवुड की बात करें तो सिरसा की प्रतिभाओं ने परचम लहराया है। सिरसा ने राजनीति के क्षेत्र में भी देश को उपप्रधानमंत्री और प्रदेश को मुख्यमंत्री दिया है।
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एक सितंबर 1975 को अधिकारिक तौर पर सिरसा जिले के रूप में पहचान मिली। हिसार से अलग होकर सिरसा ने अपनी काबलियत के दम पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है। इसी कारण आज पूरे देश में सिरसा में नाम कई बार सुर्खियों में आया है। हालांकि सिरसा ने अपने पहचान के दम पर देश में जगह बनाई, लेकिन कई बड़े हादसों के कारण भी सिरसा देशभर में सुर्खियों में रहा है। यहां डेरा विवाद और डबवाली अग्निकांड हो चुका है। डबवाली अग्निकांड में काफी संख्या में मौतें हुई थीं। वहीं डबवाली के सुनील ग्रोवर कॉमेडियन देशभर में मशहूर है। डबवाली के ही बाल कलाकार नील सेठी ने ही हॉलीवुड की फिल्म जंगल बुक में मुख्य किरदार निभाया है।
खेल में लहराया परचम, देश को दिए अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
सिरसा ने खेल के क्षेत्र में खूब परचम लहराया। हॉकी में सरदारा सिंह, महिला हॉकी में सविता पूनिया ने भारतीय टीम की बागडोर संभाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन भी किया। इसके अलावा हॉकी में अन्य कई खिलाड़ी भी सिरसा के जगह बना चुके है। हाल ही में सिरसा के जोधकां व भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सविता पूनिया के नेतृत्व में भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता। भारतीय क्रिकेट टीम में भी डबवाली के खिलाड़ी बरिंद्र सरां ने जगह बनाई। इसके अलावा एक्रोबेटिक्स में भी सिरसा डेरा के खिलाड़ी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके है।
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देश को दिया उपप्रधानमंत्री व प्रदेश को सीएम
जननायक चौधरी देवीलाल के रूप में सिरसा ने देश को उपप्रधानमंत्री दिया। इतना ही नहीं उनके पुत्र ओमप्रकाश चौटाला प्रदेश के सीएम का पद संभाल चुके हैं। इतना ही नहीं सिरसा के कई अन्य नेता राजनीति के क्षेत्र में अपनी पहचान देश भर में बना चुके है। इनमें केंद्रीय राजनीति के साथ साथ दिल्ली में सक्रिय हैं।
धर्मनगरी के रूप में विख्यात सिरसा, चारों दिशाओं में धार्मिक स्थल
सिरसा धर्मनगरी के रूप में विख्यात है। यहां चारों दिशाओं में धार्मिक स्थल है। डेरा सच्चा सौदा, राधा स्वामी सत्संग ब्यास, डेरा जगमाल वाली, तारा बाबा कुटिया और डेरा बाबा भूमण शाह चारों तरफ से सिरसा की सुरक्षा करते हैं। इसके अलावा शहर में डेरा बाबा सरसाईनाथ की खूब मान्यता है।
देश की सुरक्षा में सिरसा के जवानों ने दी है शहादत
देश की सुरक्षा में सिरसा पीछे नहीं है। सिरसा के जवानों ने सीमाओं की सुरक्षा करते हुए अपनी शहादत तक दे डाली है। बात कारगिल की करें या अन्य ऑपरेशन की। सिरसा के जवान कभी पीछे नहीं हटे। सिरसा के कई जवान अपनी शहादत दे चुके हैं। इसके अलावा सेना की सेवा में सिरसा के बड़ी संख्या में सैनिक कतार में रहे हैं।
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