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Sirsa News: 12 एमएम बारिश में भीगा किसानों का पीला सोना

Sun, 16 Apr 2023 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। किसान लगातार मौसम की मार झेल रहे हैं। खेतों में पकी हुई फसलों पर हुई ओलावृष्टि व बारिश से उत्पादन में गिरावट आई। अब किसान जैसे-तसे फसल निकाल उपज निकाल मंडी में पहुंच रहे हैं तो यहां व्यवस्था न होने से बारिश में उनकी उपज में पानी फिर गया। रविवार को दोपहर बाद सिरसा में 12 बारिश हुई। मंडी में तिरपाल की व्यवस्था न होने के कारण खुले आसमान के नीचे पड़ा करीब 17 लाख क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया है। किसान अपनी मायूस आंखों से गेहूं को भीगता हुआ देखते रहे। कई किसानों की गेहूं की भरी ट्रालियों में बारिश का पानी चला गया।
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पिछले चार दिनों से जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया है। रविवार को दोपहर बाद मौसम में बदलाव हुआ। आसमान में घने बादल छा गए और अंधड़ और बारिश आई। इसके कारण मंडियों में करीब 17 लाख क्विंटल गेहूं भीग गया। गेहूं से भरे बैगों के नीचे पानी जमा हो गया। बारिश रुकने के बाद किसान गेहूं को सूखाने और मजदूर पानी की निकासी करवाते हुए नजर आए।


गेहूं से अटी पड़ी मंडी, ट्रॉली रोकने के लिए नहीं मिला खाली शेड
जिले में 64 मंडियों व खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद करने का काम चल रहा है। इसमें से केवल 30 केंद्रों पर ही शेड की व्यवस्था है, जबकि शेष केंद्रों पर शेड की सुविधा नहीं है। मंडियों में अब तक 18 लाख 64 हजार 207 क्विंटल की आवक हुई है। इसमें से केवल एक लाख 41 हजार क्विंटल गेहूं का उठान हो पाया है। सिरसा मंडी के शेड भी गेहूं की बोरियों से भरे होने के कारण किसानों को ट्राॅली खड़ी करने के लिए जगह तक नहीं मिली। कई किसान भीगा हुआ गेहूं लेकर घर लेकर लौटने को भी मजबूर हुए।
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अधिकारियों के आदेश के बाद भी आढ़तियों ने नहीं की तिरपाल की कोई व्यवस्था
रविवार होने के चलते मंडियों में कम किसान ही गेहूं लेकर पहुंचते हुए नजर आए। खेत में गेहूं की कटाई होने के बाद किसान सीधा मंडी में ही गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं और यहां पर ढेर लगा रहे हैं। मार्केट कमेटियों की ओर से सभी आढ़तियों को तिरपाल रखने के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद भी मंडियों में बारिश से गेहूं को बचाने के लिए किसानों को तिरपाल तक की सुविधा नहीं मिल पाई। कई किसान अपने साथ तिरपाल लेकर भी पहुंचे थे, लेकिन बारिश तेज होने के चलते पहले ही गेहूं भीग गया।

बारिश के बाद गर्मी से मिली राहत, खेतों में रुका काम
बारिश होने के बाद तापमान में दो डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है और ठंडी हवा चलने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत भी मिली है। वहीं, इस समय खेतों में गेहूं की कटाई का काम जोरों पर चल रहा है। बारिश के कारण अब कटाई का काम भी एक बार रूक गया है। कंबाइन सहित अन्य मशीनें भी बंद हो गई हैं। गेहूं में नमी सूखने के बाद ही मशीनों का अब संचालन हो पाएगा। जिले में अभी 60 फीसदी क्षेत्र में गेहूं की कटाई का काम होना शेष है।



अनाज मंडी में गेहूं लेकर पहुंचे थे, लेकिन जगह न मिलने के कारण ट्रॉली खाली नहीं करवा पाए। ऐसे में बारिश के बाद ट्रॉली में पड़ा गेहूं भी भीग गया। अब वापस ले जाने को मजबूर हूं। सुखाने के बाद बेचने के लिए लाया जाएगा।
- कुलदीप, फरवाई

गेहूं से भरी ट्रॉलियां को शेड के नीचे खड़ी करने के लिए जगह नहीं मिल पाई। बारिश आने के कारण पूरा गेहूं भीग गया है। इसके कारण अब मंडी में गेहूं सूखाने को मजबूर हो पड रहा है। मंडी में पांच एकड़ की गेहूं लेकर पहुंचे हूं।
- विरेंद्र कुमार, धिंगतानिया

गेहूं से भरी ट्रॉली खाली करने के लिए शेड के नीचे कोई जगह नहीं है। रोड पर ट्रॉली खड़ी की थी। इतनी देर में बारिश शुरू हो गई, जिससे पूरा गेहूं भीग गया है। पहले ही मुश्किल से कटाई कर पाए हैं, लेकिन मंडी में व्यवस्था नहीं होने से गेहूं भीग रहा है।
-गुरदीप, नेजाडेला

मंडी में बारिश से गेहूं का बचाने की कोई व्यवस्था नहीं है। तिरपाल की व्यवस्था भी खुद के स्तर की थी। जब तक गेहूं पर तिरपाल डालते तब तक तेज बारिश ने गेहूं भीगा गया। ढेरी के ऊपर का गिला गेहूं को हटाकर तौल का काम करवाना पड़ेगा। इसके बाद दूसरी गेहूं को सुखाना पड़ेगा। - साहिल मोडियाखेड़ा


बारिश से गेहूं को बचाने के लिए तिरपाल की व्यवस्था करने के लिए पहले ही आढ़तियों को आदेश दिए थे। मंडी में पड़ी गेहूं की जिम्मेदारी आढ़तियों की है। उठान कार्य में तेजी लाने को लेकर खरीद एजेंसियों को नोटिस दिए गए हैं।
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-वीरेंद्र मेहता, सचिव, मार्केट कमेटी सिरसा ।
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