किसान नेता गुरप्रीत सिंह दादू, संजू खतरावां, कुलदीप सिंह, अमरजीत सिंह, सुच्चा सिंह, हैप्पी सिंह व अन्य ने बताया कि धान सीजन के शुरू से ही शैलर संचालक खरीद एजेंसियों से मिलीभगत करके उनको लूटने का काम कर रहे हैं। सूखे धान पर भी काट काटी जा रही है। मंडी में धान की खरीद करने का काम खरीद एजेंसियों का है, लेकिन मंडी में खरीद एजेंसियों की जगह शैलर संचालक धान की खरीद कर रहे हैं। मंडी में धान में 16 प्रतिशत नमी के बाद प्रति क्विंटल के हिसाब से काट काटी जा रही है। शैलर संचालक 20 प्रतिशत पर 4 किलोग्राम प्रति क्विंटल व इससे अधिक नमी पर एक किलोग्राम प्रति क्विंटल काट ज्यादा काटकर धान खरीद रहे हैं। उन्हाेंने मंडी प्रशासन से मांग की है कि मंडी में धान की फसल 20 प्रतिशत नमी पर बिना काट व झार के खरीदी जाए।
वहीं मौके पर पहुंचे शैलर संचालकों ने बताया कि वह मंडी में ढेरी करके व झार लगाकर ही फसल की खरीद करेंगे। ज्यादा नमी वाले धान से उन्हें नुकसान झेलना पड़ता है। जिस पर किसानाें ने कहा कि मंडी में उनसे ज्यादा धान की फसल शैलर संचालकों की पड़ी है। ऐसे में वे मंडी में ढेरी करके व झार लगाकर कैसे अपनी फसल बेचें।
एसडीएम ने ली शैलर संचालकाें की बैठक
एसडीएम सुरेश रविश ने मार्केट कमेटी कार्यालय में धान खरीद को लेकर एक बैठक ली। बैठक में एसडीएम रविश ने कहा कि मंडी में धान खरीद नियमानुसार की जाए। मंडी में किसानों, मजदूरों और आढ़तियों को किसी प्रकार की परेशानी ना उठानी पड़े। धान खरीद में कोई भी खरीद एजेंसी या शैलर गैर-कानूनी तरीके से खरीद करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर मार्केट कमेटी सचिव यशपाल मेहता, खरीद एजेंसी के अधिकारी और शैलर संचालक मौजूद रहे।