सिरसा। किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अनेकों योजनाओं का क्रियान्वयन सरकार की ओर से किया जा रहा है। इन्हीं योजनाओं में आत्मा (एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी ) योजना भी एक ऐसी योजना है जो किसानों के लिए फायदेमंद है। योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों को मिले, इसके लिए जरूरी है कि योजना के वार्षिक बजट का बेहतर इस्तेमाल हो।
डीसी ने कहा कि आत्मा स्कीम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक सयंत्रों के साथ आधुनिक खेती की ओर अग्रसर करना है, इसलिए किसानों को योजना के तहत प्रशिक्षित करें। उन्होंने कहा कि योजना के तहत अधिक से अधिक किसानों को कृषि की नवीनतम तकनीक के बारे में प्रशिक्षण दिया जाए।
यह बात डीसी आरके सिंह ने बुधवार को आत्मा (एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी) स्कीम के वार्षिक बजट बारे चर्चा के दौरान कृषि व अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए कही।
कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के पूर्व व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाए। आत्मा के जरिए पशुपालन विभाग की नस्ल सुधार एवं बीज संवर्धन के कार्य के निर्देश दिए। जैविक, औषधीय पौधों की खेती के लिए भी किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। किसानों को खेती के बारे सुझाव दिये जायें। इस दौरान उन्होंने प्रगतिशील किसानों से भी चर्चा की और उनसे स्कीम से मिलने वाले लाभ बारे जानकारी ली।
डीसी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2024-25 के दौरान की जाने वाली गतिविधियों में ज्यादा से ज्यादा किसानों को शामिल किया जाए व सभी गतिविधियां सुचारु रूप से क्रियान्वित की जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान आत्मा स्कीम का लाभ प्राप्त करें।
उप निदेशक कृषि डाॅ. सुखदेव सिंह ने बताया कि वर्ष 2024-25 आत्मा स्कीम में विभिन्न क्रियाओं जैसे किसानों के लिए प्रशिक्षण, प्रदर्शनी प्लांट, भ्रमण, जिला स्तरीय किसान मेला, किसान-वैज्ञानिक चर्चा, किसान गोष्टी, किसान खेत पाठशाला व मैन पावर हेतु सामान्य श्रेणी के लिए 2,09,72,200/ रुपये व अनुसूचित जाति के किसानों के लिए 17,38,000 रुपये के बजट की मांग की गई, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया और पिछले वर्ष 2023-24 में हुए खर्च का भी अनुमोदन किया गया। बैठक में जिला बागवानी अधिकारी पुषपिंद्र सिंह, विषय विशेषज्ञ राकेश कुमार, तकनीकी सहायक दिनेश कत्याल, तकनीकी सहायक जोगिन्द्र राणा, मत्सय अधिकारी संदीप कुमार, एलडीएम संजीव कुमार, पशुपालन एवं डेयरी विभाग से वीएस कुलभूषण, किसान राजाराम, मंजु रानी, ताराचन्द, महेन्द्र आदि ने भाग लिया।