सिरसा। हरियाणा पंजाब हाईकोर्ट द्वारा हरियाणा सरकार को रास्ते खोलने के आदेश के बाद किसान जत्थेबंदियों ने भी फिर से दिल्ली कूच की तैयारियां शुरू कर दी हैं। डबवाली के गांव किलियांवाली से मंगलवार को सुबह 11 बजे किसानों ने ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ खनौरी बॉर्डर जाना चाहा तो पुलिस ने उन्हें बेरिकेड लगाकर रोक दिया।
भारतीय किसान एकता बीकेई के प्रधान औलख ने बताया कि पुलिस अधिकारियों को समझाने की बहुत कोशिश की कि इस समय हम इस मोर्चे को पंजाब के खन्नौरी बॉर्डर पर ही शिफ्ट कर रहे हैं। हाइकोर्ट के आदेशानुसार हरियाणा सरकार रास्ता खोलती है, हम तभी दिल्ली जाएंगे। ऐलान करके जाएंगे, न की चोरी चुपके से दिल्ली कूच करेंगे। उन्होंने कहा कि दोपहर तीन बजे के बाद किसानों के लिए पुलिस ने रास्ता खोल दिया। उसके बाद किसानों ने खन्नौरी बॉर्डर की तरफ कूच किया।
लखविंदर सिंह ने बताया कि बीकेयू सिद्धपुर जत्थेबंदी से जुड़े हुए किसान पिछले 155 दिनों से अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ व अस्थायी घरों में डबवाली मोर्चे पर डटे हुए थे। मंगलवार शाम तक किलियांवाली मोर्चे से किसानों का काफिला खन्नौरी बॉर्डर पर पहुंचेगा। 17 जुलाई को खन्नौरी बॉर्डर व शंभू बॉर्डर से बड़ी संख्या में इकट्ठे होकर किसान नवदीप सिंह जलबेड़ा की रिहाई के लिए अंबाला एसपी ऑफिस पहुंचेंगे। जैसे ही हरियाणा के बॉर्डर खुलते हैं दोनों बॉर्डरों से किसान दिल्ली कूच करेंगे। इस मौके पर बलदेव सिंह संदोहा, सुखदेव सिंह बुढ़ागुज्जर, प्रगट सिंह फाजिल्का, रेशम सिंह यात्री, काका सिंह पंजुआना शामिल रहे।