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Sirsa News: डीएपी की कमी बनी धरतीपुत्रों के लिए परेशानी, पैक्सों के चक्कर काटने के लिए मजबूर

Fri, 18 Oct 2024 04:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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ओढां। फसल की बिजाई के दौरान हर बार किसानों को डीएपी की किल्लत से जूझना पड़ता है। इस समय भी यही स्थिति है। रबी की फसल की बिजाई का सीजन शुरू हो गया है, लेकिन किसान खाद की किल्लत से परेशान हैं।
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खाद के इंतजार में सिंचित की गई भी भूमि सूख रही है और किसान सहकारी बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। आगे से कर्मचारी शीघ्र ही रैंक लगने की बात कहकर टरका देते हैं। सरसों की बिजाई पिछले करीब एक सप्ताह से शुरू हो चुकी है, लेकिन खाद न मिलने के चलते बिजाई नहीं हो पा रही। किसानों का कहना है कि बिजाई के समय हर बार खाद को लेकर परेशान होना पड़ता है। किसानों से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि अगर समय पर खाद नहीं मिलती है तो बिजाई प्रभावित होगी।




पिछले करीब एक सप्ताह से सरसों बिजाई का कार्य शुरू हो चुका है। अगले माह में गेहूं की बिजाई भी शुरु हो जाएगी, लेकिन डीएपी नहीं मिल रही। जब सोसायटी में संपर्क करते हैं तो जवाब मिलता है कि पीछे से जब रैंक लगेगा तभी खाद आएगी। अब ये रैंक कब लगेगा क्या पता। समझ नहीं आ रहा कि किसानों के साथ हमेशा ही ऐसा क्यों होता है। नरमे की फसल बर्बाद होने के कारण किसान वैसे ही काफी परेशान हैं और अब खाद न मिलने के चलते परेशानी और बढ़ गई है। सरकार को चाहिए कि शीघ्र ही पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाए। - सुनील सहारण।
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ये कोई नई बात नहीं है, किसानों के साथ हर बार ऐसा ही होता है। किसानों को क्या चाहिए, समय पर पानी, खाद और बीज। जब ये ही नहीं मिलेंगे तो खेती कैसे होगी। सरकार किसानों के नाम पर बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है। इस समय किसान को खाद की बेहद जरूरत है। सिंचाई की हुई भूमि सूख रही है। इस बार किसान वैसे भी फसल कमजोर होने के चलते परेशानी में है और अब ये खाद न मिलना जले पर नमक छिड़कने के समान है। - मुरारी गोदारा।




कुछ नहीं खेती सिर्फ घाटे का सौदा है। कभी प्राकृतिक आपदा, कभी फसली रोग, कभी नहरों में पानी और कभी समय पर खाद-बीज नहीं। खेत में सिंचाई किए हुए 19 दिन का समय हो गया है। खाद के लिए हर रोज चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सरकार को चाहिए कि बिजाई के सीजन से पूर्व ही किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद का इंतजाम करे। खाद के अभाव में मजबूरन बस इंतजार ही कर रहे हैं। - जगदीश सहारण।



पिछले करीब 20 दिनों से पैक्सों में डीएपी नहीं आई। चोरमार खेड़ा एक सेल प्वाइंट पर करीब 18 दिन पूर्व कुछ खाद आई थी। ओढां पैक्स के 6 सेल प्वाइंटों के अधीन 12 गांव पड़ते हैं। हमने 8,000 बैग की मांग भेज रखी है। अब खाद कब आएगी ये तो उच्चाधिकारी ही बता सकते हैं। खाद के लिए हर रोज सैकड़ों किसान आते हैं। हम तो खाद के अभाव में स्वयं परेशान हैं। - कुलविन्द्र सिंह, पैक्स प्रबंधक ओढां।
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