सिरसा। जिले के किसानों की मांगों व समस्याओं के समाधान को लेकर 16 जनवरी से भारतीय किसान एकता (बीकेई) के बैनरतले किसान उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे हुए हैं। गांव डिंग मंडी के किसान ओम प्रकाश झुरिया (68) ने वीरवार से से मांगें पूरी होने तक आमरण-अनशन शुरू कर दिया है।
किसानों की मुख्य मांग खरीफ -2020 में सफेद मक्खी से बर्बाद हुई कपास की फसल का बकाया मुआवजा 258 करोड़ रुपए है, जिसमें से हरियाणा सरकार ने कुल 64 करोड़ 91 लाख रुपए ही जारी किया है। बीकेई अध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने बताया कि इस बाबत पिछले 39 दिनों में किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि मंत्री जय प्रकाश दलाल से मीटिंग भी की, लेकिन अभी तक किसानों की कोई सुनवाई नहीं हुई। औलख ने बताया कि उनके द्वारा पक्ष प्रतिपक्ष के राजनेताओं को ज्ञापन सौंपने के बाद विधायक शीशपाल केहरवाला विधानसभा में भी सिरसा के किसानों का मुद्दा उठा चुके हैं। फिर भी हरियाणा सरकार की बेरुखी से दुखी होकर ओमप्रकाश डिंगमंडी ने स्वेच्छा से आमरण-अनशन पर बैठने का फैसला लिया है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अनशन के दौरान उनके साथी किसान के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेवार हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन होंगे।